बुधवार, 23 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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महाराष्ट्र UCC समिति से इस्तीफे पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, कहा- 'हर राज्य का अपना कानून संविधान की भावना के विरुद्ध'

कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने वाली समिति से उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के इस्तीफे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है…

महाराष्ट्र UCC समिति से इस्तीफे पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, कहा- 'हर राज्य का अपना कानून संविधान की भावना के विरुद्ध'
(फोटो: IANS)

कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने वाली समिति से उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के इस्तीफे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस इस्तीफे ने समिति के कामकाज को लेकर कई गंभीर सवाल और चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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कांग्रेस ने कहा कि संविधान निर्माताओं, विशेष रूप से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी, जहां हर राज्य अपनी-अपनी समान नागरिक संहिता बनाने की होड़ में लग जाए। जयराम रमेश ने इसे एक राजनीतिक दल की 'राजनीतिक चाल' बताया जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

विधि आयोग की रिपोर्ट की अनदेखी का आरोप

जयराम रमेश ने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने ही 17 जून 2016 को UCC के अध्ययन का जिम्मा आयोग को सौंपा था। उन्होंने बताया कि विस्तृत शोध के बाद आयोग ने 31 अगस्त 2018 की अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि "इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।"

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही द्वारा गठित आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि तथ्य उसके राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप नहीं थे। आयोग ने उस समय अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सलाह दी थी।

राज्यों के अलग-अलग UCC पर सवाल

बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पिछले तीन वर्षों में भाजपा शासित राज्यों ने UCC के अपने-अपने संस्करण पारित किए हैं, लेकिन वे एक जैसे नहीं हैं। इनमें अलग-अलग प्रावधान, दंड और छूट शामिल हैं। उत्तराखंड के UCC का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को बनाए रखता है और निवासियों के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है।

कांग्रेस ने बताया कि उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से UCC लागू हो गया है, जबकि गुजरात में 24 मार्च 2026, असम में 27 मई 2026 और मध्य प्रदेश में 21 जुलाई 2026 को विधेयक पारित किए गए।

UCC का उद्देश्य: ध्रुवीकरण या सुधार?

जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री की उस घोषणा का भी उल्लेख किया जिसमें 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी राजग शासित राज्यों में UCC लागू करने की बात कही गई है। कांग्रेस ने इसे कानूनी सुधार के बजाय समाज में विभाजन, ध्यान भटकाने और स्थायी ध्रुवीकरण बनाए रखने का एक राजनीतिक औजार करार दिया है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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