भारत-इटली की रणनीतिक साझेदारी: IMEC, खाड़ी संकट और यूक्रेन पर विदेश मंत्री जयशंकर की अहम बैठक
भारत और इटली ने अपने विशेष रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम बैठक की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इटली के उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी के बीच यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र में हुई…
भारत और इटली ने अपने विशेष रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम बैठक की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इटली के उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी के बीच यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र में हुई, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) से लेकर खाड़ी और यूक्रेन के मौजूदा हालात जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक के बाद इटली के उप-प्रधानमंत्री तजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि दोनों देश एक विशेष रणनीतिक साझेदारी से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, "इस ढांचे में, हम नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व को साझा करते हैं, जो व्यापार मार्गों की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और हमारी अर्थव्यवस्थाओं के विकास के लिए जरूरी है।"
रणनीतिक गलियारा और व्यापार लक्ष्य
दोनों नेताओं की बातचीत का एक प्रमुख केंद्र बिंदु IMEC रहा, जिसे तजानी ने व्यापार को बढ़ावा देने वाला एक 'रणनीतिक विकास' बताया। यह गलियारा 2023 में G20 बैठक के दौरान प्रस्तावित एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य भारत को सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल के रास्ते यूरोप से जोड़ना है।
तजानी ने इस बात पर भी जोर दिया कि इटली और भारत लगातार रक्षा, सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत एक्सपोर्ट एक्शन प्लान के लिए एक प्रमुख देश है और हम 2029 तक 20 अरब यूरो के व्यापार आदान-प्रदान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।" उनके मुताबिक, जनवरी में हुआ ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौता और IMEC इस लक्ष्य को पाने में मददगार साबित होंगे।
अन्य महत्वपूर्ण मुलाकातें
अपनी कूटनीतिक बैठकों के क्रम में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने युगांडा के विदेश मंत्री एडोनिया अयेबारे से भी मुलाकात की। जयशंकर ने एक 'एक्स' पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं ने "विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, रक्षा प्रशिक्षण और कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।" अयेबारे ने भी पुष्टि की कि उन्होंने भारत द्वारा आयोजित समान विचारधारा वाले ग्लोबल साउथ देशों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में भाग लिया था।
इनपुट: IANS



