शिक्षक दिवस पर महाराष्ट्र में शिक्षकों का अनोखा विरोध, पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे
महाराष्ट्र में 5 सितंबर को जब पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा था, तब राज्य के कई शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर मौन प्रदर्शन कर रहे थे। समाचार एजेंसी…
महाराष्ट्र में 5 सितंबर को जब पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा था, तब राज्य के कई शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर मौन प्रदर्शन कर रहे थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कोल्हापुर समेत राज्य के सभी जिलों में प्रदर्शनकारियों ने काले मास्क और काली पट्टी पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी उन 26,000 कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिनकी नियुक्ति 1 नवंबर 2005 से पहले हुई थी। उनका कहना है कि यह उनका अधिकार है और सरकार को 1982 के नियमों के तहत उन्हें यह लाभ देना चाहिए।
सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम
एक प्रदर्शनकारी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “हमने 15 दिनों का समय दिया है। अगर इन 15 दिनों में हमारी मांग पूरी नहीं होती है, तो हम मुंबई के आजाद मैदान में सभी जिलों से आकर धरना प्रदर्शन करेंगे। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं कर दी जाती, तब तक हम वहां से नहीं हटेंगे।”
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हमें आश्वस्त किया था कि 26 हजार लोगों को 1982 की पुरानी पेंशन स्कीम देंगे। हालांकि, बाद में वो मुकर गए।” उन्होंने बताया कि यह मामला अदालत में भी चल रहा है, लेकिन वे सरकार से अपने वादे को पूरा करने की अपील कर रहे हैं।
शिक्षक दिवस पर विरोध क्यों?
इस दिन को विरोध के लिए चुनने पर एक शिक्षक ने कहा, “आज शिक्षक दिवस है और इस दिन शुभेच्छा देना हमारा परम कर्तव्य है। हमें लगता है कि इसी दिन मोर्चा निकालना चाहिए ताकि सरकार जागे।” प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह संघर्ष काफी लंबे समय से चल रहा है और अब सरकार को इस पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
इनपुट: IANS



