वाराणसी में बाढ़ पीड़ितों से मिले सीएम योगी, पिछली सपा सरकार पर लगाया राहत कोष हड़पने का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत सामग्री बांटी। इस दौरान उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत सामग्री बांटी। इस दौरान उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले बाढ़ राहत के लिए भेजा गया पैसा गरीबों तक पहुंचने के बजाय हड़प लिया जाता था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के जरिए जिले में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आज जो राहत सामग्री हम बांट रहे हैं, वह 2017 से पहले उपलब्ध नहीं थी। उस समय सिर्फ सूखी रोटी मिलती थी। न गर्म भोजन मिलता था, न राशन, न दूध और न ही डिग्निटी किट।"
किसानों और प्रभावितों के लिए मुआवजे का ऐलान
सीएम योगी ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ में बर्बाद हुई हैं, उनके नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डूबने, आकाशीय बिजली गिरने या खेत में काम करते समय मौत होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के अंदर 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, "यदि किसी गरीब परिवार का घर गिर जाता है, डूब जाता है या आग से नष्ट हो जाता है तो उसे तुरंत प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर स्वीकृत किया जाएगा।"
"अच्छी सरकार लूट पर रोक लगाती है"
पिछली सरकार पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "जब अच्छी सरकार आती है तो अच्छी योजनाएं लाती है और लूट पर रोक लगाती है। वह गरीबों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए काम करती है और किसी के साथ भेदभाव नहीं करती।" उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सपा सरकार गरीबों समेत सभी का पैसा खा जाती थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वह स्थिति का जायजा लेने वाराणसी आए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में NDRF, PAC और जल पुलिस की 48 नौकाओं के साथ टीमें 24 घंटे तैनात हैं और विस्थापितों के लिए राहत शिविर व मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।
इनपुट: IANS



