ऐसा कौन सा मंदिर जहां मुर्दा भी जिंदा हो जाते है?
इंसान की जन्म मृत्यु का निर्णय ईश्वर के हाथों में होता है। जो ईश्वर इंसान को धरती पर भेजता है वही ईश्वर मनुष्य यह भी तय करता है की कब तक मनुष्य इस धरती का सुख,…
इंसान की जन्म मृत्यु का निर्णय ईश्वर के हाथों में होता है। जो ईश्वर इंसान को धरती पर भेजता है वही ईश्वर मनुष्य यह भी तय करता है की कब तक मनुष्य इस धरती का सुख, दुःख भोगेगा और फिर से एक बार ईश्वर की शरण में आजायेगा। विश्व में बहुत से चमत्कारी मंदिर है जहां ईश्वर अपनी चमत्कारी शक्तियों से ऍबे भक्तों को चकित कर देते है। ऐसा ही एक मंदिर है देहरादून जहां मान्यताओं के अनुसार इस चमत्कारी मंदिर में मृत व्यक्ति में भी कुछ पलों के लिए जान आ जाती है।

मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में यहां पांडवों को जलाकर मारने के लिए दुर्योधन ने लाक्षागृह बनाया था। अज्ञातवास के दौरान युधिष्ठर ने शिवलिंग की स्थापना इसी स्थान पर की थी। जो मंदिर में आज भी मौजूद है। इस मंदिर को Lakhamandal shiv mandir के तोर पर जाना जाता है। यहाँ मौजूद शिवलिंग को महामुंडेश्वर के नाम से जाना जाता है। मंदिर के प्रांगण में मौजूद इस शिवलिंग के सामने दो द्वारपाल पश्चिम की ओर मुंह करके खड़े हैं।

इस मंदिर को चम्तकारी मंदिर इसलिए भी कहते हैं क्योंकि अगर व्यक्ति ने शरीर त्याग दिया और अगर वो यहाँ लाया जाता है तो जिंदा हो जाता था। जीवित होने के बाद उक्त व्यक्ति शिव नाम लेता है व गंगाजल ग्रहण करता है। गंगाजल ग्रहण करते ही उसकी आत्मा फिर से शरीर त्यागकर चली जाती है। इस कारण से यह मंदिर दुनिया भर में प्रख्यात है।
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