कूनो के चीते की गोली लगने से मौत: केंद्र सरकार ने जांच के लिए उच्च-स्तरीय टीम भेजी
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के एक युवा चीते की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गोली लगने से घायल हुए 19 महीने के नर चीते की मौत को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक…
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के एक युवा चीते की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गोली लगने से घायल हुए 19 महीने के नर चीते की मौत को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम का गठन किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र ने स्पष्ट किया है कि 'प्रोजेक्ट चीता' एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इन जानवरों की सुरक्षा के लिए उच्चतम मानक सुनिश्चित किए जाएंगे।
यह नर चीता, जो मादा चीता 'निर्वा' का शावक था, 25 अक्टूबर को कूनो पार्क के संरक्षित क्षेत्र से बाहर मुरैना के जंगल में घायल अवस्था में पाया गया था। मध्य प्रदेश वन विभाग ने उसे बचाकर जबलपुर के एक पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहाँ उसकी आपातकालीन सर्जरी की गई।
जांच और चिकित्सा विवरण
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने चीते के शरीर से बंदूक की पांच गोलियां निकालीं। मेडिकल जांच से पता चला कि गोलियां लगने के कारण उसे कई गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं। तमाम कोशिशों के बावजूद, 27 अक्टूबर को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद, राज्य सरकार ने मामले की पड़ताल के लिए वन और पुलिस अधिकारियों की एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पहले ही बना दी है।
केंद्र की जांच टीम का कार्यक्षेत्र
अब केंद्र द्वारा भेजी गई टीम इस मामले की गहराई से जांच करेगी। इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के वन महानिरीक्षक और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक व क्षेत्रीय उप निदेशक शामिल हैं। यह केंद्रीय टीम राज्य की STF के साथ मिलकर काम करेगी, सबूतों की पड़ताल करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी करेगी। टीम अपनी रिपोर्ट पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।
इनपुट: IANS



