बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का खतरा: ओडिशा में प्रशासन हाई अलर्ट पर, 300 से ज़्यादा टीमें तैनात

आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के ओडिशा की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने बचाव और राहत के व्यापक इंतजाम किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का खतरा: ओडिशा में प्रशासन हाई अलर्ट पर, 300 से ज़्यादा टीमें तैनात
(फोटो: IANS)

आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के ओडिशा की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने बचाव और राहत के व्यापक इंतजाम किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की और बताया कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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बैठक के बाद मंत्री सुरेश पुजारी ने जानकारी दी कि चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे लैंडफॉल किया था और अब इसके ओडिशा की तरफ बढ़ने की संभावना है। इस तूफान का सबसे ज्यादा असर मलकानगिरी जिले पर पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा, कोरापुट, नबरंगपुर, गंजाम, गजपति और रायगड़ा जिले भी प्रभावित हो सकते हैं, जिसके चलते पड़ोसी जिलों कंधमाल, कालाहांडी और नुआपाड़ा में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

बचाव और राहत के लिए टीमें तैनात

आपदा की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में कुल 313 आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की 60 और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 2,037 आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं, जिनमें 141 स्थायी और 1,926 अस्थायी केंद्र हैं।

विशेष इंतजाम और मौजूदा स्थिति

सरकार ने गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। कुल 4,072 गर्भवती महिलाओं में से 'हाई-रिस्क' श्रेणी की 1,898 महिलाओं को पहले ही सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती करा दिया गया था, जिनमें से कुछ ने मंगलवार को बच्चों को जन्म भी दिया। एहतियात के तौर पर, पंजीकृत सभी 19,143 मछली पकड़ने वाली नावें भी तट पर वापस आ चुकी हैं। साथ ही, दक्षिणी ओडिशा में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए भी तैयारी की गई है।

मंत्री ने बताया कि आठ संवेदनशील जिलों में तैनात मंत्री और अधिकारी जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता यह है कि किसी की जान न जाए। हमने लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।" सुरेश पुजारी के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने या संचार सेवाओं में बाधा आने की कोई सूचना नहीं है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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