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पंजाब: पराली जलाने पर सख्ती, 700 से ज्यादा मामले सामने आए, 24 FIR दर्ज

पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। राज्य में अब तक 700 से ज़्यादा ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं…

पंजाब: पराली जलाने पर सख्ती, 700 से ज्यादा मामले सामने आए, 24 FIR दर्ज
(फोटो: IANS)

पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। राज्य में अब तक 700 से ज़्यादा ऐसी घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जिनके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में अब तक 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं और लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की मंगलवार तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे राज्य में पराली जलाने की कुल 717 घटनाएं सामने आईं। अधिकारियों ने इनमें से 664 जगहों का दौरा कर निरीक्षण किया, जिसमें 313 जगहों पर पराली जलाए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों का कहना है कि धान की कटाई के मौसम को देखते हुए निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी है।

सबसे ज्यादा मामले तरनतारन और अमृतसर में

रिपोर्ट के अनुसार, पराली जलाने की सबसे ज़्यादा 318 घटनाएं तरनतारन जिले में दर्ज की गईं। यहां 152 मामलों में पुष्टि होने के बाद 7.80 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जिसमें से 2.65 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। इसके अलावा, जिले में 64 केस दर्ज किए गए और 152 खेतों के रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' की गई।

इसी तरह, अमृतसर जिले में 154 मामले सामने आए, जिनमें से 75 की पुष्टि हुई। यहां अधिकारियों ने 24 एफआईआर दर्ज कीं और 70 मामलों में 3.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 2.85 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है। साथ ही, 57 खेतों के खिलाफ 'रेड एंट्री' और 186 किसानों को चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं।

अन्य जिलों की स्थिति और किसानों के लिए मदद

अन्य प्रभावित जिलों में फिरोजपुर में 42, गुरदासपुर में 47 और कपूरथला में 46 मामले दर्ज किए गए। इन जिलों में क्रमशः 20, 17 और 15 घटनाओं की पुष्टि हुई है।

इस बीच, किसानों को पराली जलाने से रोकने और उन्हें व्यावहारिक समाधान देने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है। 'सांझा मित्तर किसान सहायता केंद्र' की यह पहल (जो क्लीन एयर पंजाब, एयरकेयर सेंटर और सांझ पंजाब से जुड़ी है) किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन में मदद करेगी। किसान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच टेलीफोन नंबर +91 79737 27514 पर संपर्क कर सकते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social पंजाब डेस्क

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