लखनऊ के अलीगंज में कमर्शियल बिल्डिंग में आग, 15 की मौत; चार आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार 22 जून को एक तीन मंजिला कमर्शियल इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 9 घायल हुए। मृतकों में कोचिंग छात्र और कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, चार अधिकारी निलंबित किए गए और एसआईटी जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून को एक तीन मंजिला कमर्शियल इमारत में लगी भीषण आग ने कम से कम 15 लोगों की जान ले ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हादसे में 9 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक कोचिंग संस्थान के छात्र, कर्मचारी और आसपास मौजूद नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक इमारत में अचानक आग भड़की और देखते ही देखते उसने तीनों मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। जिस वक्त आग लगी, उस समय इमारत में कोचिंग के विद्यार्थी और दफ्तरों में काम करने वाले लोग मौजूद थे, जिसके कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार हादसे में मारे गए लोगों की संख्या 15 बताई जा रही है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए। अब तक की कार्रवाई इस प्रकार है:
- इस मामले में चार लोगों को आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है।
- लापरवाही के आरोपों के बीच चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है, जो हादसे के कारणों की पड़ताल कर रहा है।
गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए लोग फिलहाल आरोपी हैं और मामले की जांच जारी है। आग लगने के असल कारण और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों के जवाब एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वे अस्पताल भी गए, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया।
आगे क्या
एसआईटी की जांच के नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि इतनी बड़ी कमर्शियल इमारत में आग किन परिस्थितियों में लगी और सुरक्षा इंतजामों में क्या चूक रही। कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा के मानकों को लेकर यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और जांच को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।



