लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में भीषण आग, कई जानें गईं
लखनऊ के अलीगंज में 22 जून 2026 को कोचिंग-कम-गेमिंग सेंटर में भीषण आग लगी, जिसमें कई युवाओं की जान चली गई। मृतकों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में 13 से 15 तक के अलग-अलग आंकड़े हैं। सीएम योगी ने दौरा रद्द कर जांच के आदेश दिए। NDRF और दमकल ने बचाव अभियान चलाया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक कोचिंग-कम-गेमिंग जोन में लगी भीषण आग ने पूरे शहर में खलबली मचा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी उसमें कोचिंग सेंटर, एनिमेशन सेंटर और एक पेट शॉप संचालित हो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद कई युवाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मारे गए लोगों में ज्यादातर की उम्र 16 से 24 साल के बीच बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक आग इमारत के भीतर लगी और देखते ही देखते पूरे ढांचे में फैल गई। घने धुएं के कारण दृश्यमानता बेहद खराब हो गई, जिससे अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि जान बचाने के लिए कुछ लोग खिड़कियों से कूद गए। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को कई घंटे लगे। फिलहाल आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े
हादसे में हुई मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में विसंगति है। एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती आकलन में 13 मौतें बताई गईं, जबकि बाद में यह आंकड़ा 14 तक पहुंचा। एक अन्य रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 14 बताई गई, वहीं एक तीसरी रिपोर्ट में यह संख्या 15 बताई गई।
पीड़ितों की उम्र को लेकर भी विवरण अलग-अलग हैं। एक रिपोर्ट में मृतकों में बच्चे होने की बात कही गई, दूसरी में आयु 20 से 24 साल के बीच बताई गई, जबकि बचाव अभियान के दौरान 16 साल के एक व्यक्ति का उल्लेख भी सामने आया। इसी तरह घटनास्थल को लेकर भी एक रिपोर्ट में 'पुरनिया इलाका' का जिक्र है, जबकि अन्य में सिर्फ अलीगंज का उल्लेख किया गया है।
राहत और बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंचीं और NDRF की टीमें भी राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। प्रशासनिक मशीनरी को चाक-चौबंद कर बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन घने धुएं और तेजी से फैलती आग ने राहतकर्मियों के सामने भारी चुनौती खड़ी कर दी।
मुख्यमंत्री ने रद्द किया दौरा, जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और लखनऊ लौट आए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि "दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा" और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
- DGP और ACS (गृह) को घटनास्थल पर भेजकर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।
- प्रमुख सचिव (गृह) को उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए।
- NDRF और दमकल विभाग को राहत कार्य में लगाया गया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं।" उनके अनुसार अलीगंज स्थित यह कोचिंग सेंटर एनिमेशन सिखाने के लिए था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी इस त्रासदी पर प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को "अत्यंत पीड़ादायक" बताया।
आगे क्या
उच्च-स्तरीय जांच के आदेश के बाद अब यह देखना अहम होगा कि आग लगने का असल कारण क्या था और इमारत में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था। मृतकों की सटीक संख्या और हादसे की वजह से जुड़े कई पहलू जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।



