सोनम वांगचुक के अनशन पर संजय राउत का केंद्र से सवाल: 'क्या सरकार उन्हें मारना चाहती है?'
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि 16 दिन से चल रहे अनशन के बावजूद सरकार की
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि 16 दिन से चल रहे अनशन के बावजूद सरकार की ओर से कोई संवाद न होना क्या दर्शाता है? मुंबई में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में राउत ने पूछा, "क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?"
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राउत ने वांगचुक को एक असाधारण व्यक्ति, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री से सम्मानित शख्सियत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को वांगचुक के पास जाकर उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई भी उनसे मिलने नहीं गया है।
अनशन का कारण और सरकार की भूमिका
संजय राउत ने अनशन के कारणों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। राउत के मुताबिक, "उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।" उन्होंने कहा कि वांगचुक सभी लोगों के हित के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
अन्ना हजारे से तुलना
राउत ने इस स्थिति की तुलना यूपीए सरकार के समय हुए अन्ना हजारे के अनशन से की। उन्होंने याद दिलाया कि जब अन्ना हजारे अनशन पर थे, तब तत्कालीन सरकार ने कई लोगों को उनसे बातचीत करने और उनका पक्ष जानने के लिए भेजा था। इसी संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि अन्ना हजारे को भी सोनम वांगचुक का समर्थन करना चाहिए और उनसे मुलाकात करनी चाहिए।
इनपुट: IANS



