BRS विधायकों पर यौन उत्पीड़न का केस: KTR ने तेलंगाना सरकार पर 'कानून के दुरुपयोग' का लगाया आरोप
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने BRS के विधायकों और MLC पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किए जाने को…
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने BRS के विधायकों और MLC पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किए जाने को 'कानून का चौंकाने वाला दुरुपयोग' करार दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, KTR ने कहा कि पार्टी इन 'बेबुनियाद मामलों' का अदालत में सामना करेगी।
यह मामला विधानसभा के प्रवेश द्वार पर हुई एक हाथापाई से जुड़ा है, जिसके बाद पुलिस ने BRS के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज किया था। KTR ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री और राज्य के डीजीपी को सीधे निशाने पर लिया।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
KTR ने तेलंगाना के डीजीपी से कांग्रेस नेताओं से जुड़े एक पुराने मामले पर भी जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया, "हैदराबाद में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के दौरान मिस इंग्लैंड के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कांग्रेस नेताओं पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों का क्या हुआ? क्या तेलंगाना पुलिस आरोपियों को बचाती रहेगी?" उन्होंने इस मुद्दे पर राहुल गांधी से भी जवाब देने को कहा।
BRS नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधायकों को विधानसभा से इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि मुख्यमंत्री की कथित अनियमितताओं का खुलासा होने वाला था।
भूमि विवाद और धारा 22ए का मुद्दा
इस सियासी टकराव के अलावा, KTR ने राज्य सरकार पर ज़मीन से जुड़ा एक गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने एक करोड़ एकड़ से अधिक निजी भूमि को धारा 22ए के तहत प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। यह धारा सरकार को कुछ विशेष ज़मीनों और संपत्तियों के पंजीकरण पर रोक लगाने का अधिकार देती है।
BRS मुख्यालय में प्रभावित भूमि मालिकों से मिलने के बाद KTR ने कहा कि उनकी सरकार के समय केवल 16 लाख एकड़ जमीन इस सूची में थी, जो अब बढ़कर 1 करोड़ 16 लाख एकड़ हो गई है। पार्टी का आरोप है कि राजस्व और पंजीकरण तंत्र का दुरुपयोग करके निजी संपत्तियों पर कृत्रिम स्वामित्व विवाद पैदा किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर BRS पहले राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को हटाने की मांग भी कर चुकी है।
इनपुट: IANS



