मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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किश्तवाड़ हथियार लूट कांड: आतंकी मददगार तनवीर अहमद मलिक को जमानत नहीं, NIA कोर्ट ने खारिज की अर्जी

जम्मू की एक विशेष NIA अदालत ने 2019 के चर्चित किश्तवाड़ हथियार लूट मामले में आरोपी तनवीर अहमद मलिक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और गवाहों…

किश्तवाड़ हथियार लूट कांड: आतंकी मददगार तनवीर अहमद मलिक को जमानत नहीं, NIA कोर्ट ने खारिज की अर्जी
(फोटो: IANS)

जम्मू की एक विशेष NIA अदालत ने 2019 के चर्चित किश्तवाड़ हथियार लूट मामले में आरोपी तनवीर अहमद मलिक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए यह फैसला सुनाया। मलिक पर हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को पनाह देने और रसद मुहैया कराने का आरोप है।

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यह मामला मार्च 2019 का है, जब किश्तवाड़ में उपायुक्त के एस्कॉर्ट इंचार्ज से हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने एक एके-47 राइफल, तीन मैगजीन और 90 जिंदा कारतूस छीन लिए थे। इस घटना के बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी, जिसने इसे केस संख्या RC 08/2019/NIA/JMU के तहत दर्ज किया था।

आतंकी मददगार पर गंभीर आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, डोडा जिले के टंटना का रहने वाला तनवीर अहमद मलिक एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने जून 2019 से जनवरी 2020 के बीच हारून अब्बास वानी और ताहिर अहमद भट जैसे सक्रिय आतंकियों को अपने घर में पनाह दी, भोजन उपलब्ध कराया और अन्य तरह की मदद पहुंचाई ताकि वे सुरक्षाबलों से बच सकें।

अदालत की सख्त टिप्पणी

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने मुकदमे में हो रही देरी को आधार बनाया था। हालांकि, विशेष न्यायाधीश ने इस दलील को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने कुल 101 गवाहों की सूची पेश की है, जिनमें से 30 से पूछताछ हो चुकी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद जैसे गंभीर मामलों में सिर्फ मुकदमे में देरी जमानत का आधार नहीं हो सकती, क्योंकि इसमें समाज और राष्ट्र की सुरक्षा का व्यापक हित शामिल होता है।

अदालत ने यह भी माना कि यदि आरोपी को इस मोड़ पर जमानत दी जाती है, तो सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की प्रबल संभावना है, इसलिए उसे रिहा करना उचित नहीं होगा।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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