सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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परिसीमन विधेयक पर टकराव: किरेन रिजिजू ने खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस पर बाधा डालने का आरोप लगाया

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच 'परिसीमन संशोधन विधेयक' को लेकर गतिरोध बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रिजिजू ने खड़गे को एक पत्र…

परिसीमन विधेयक पर टकराव: किरेन रिजिजू ने खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस पर बाधा डालने का आरोप लगाया
(फोटो: IANS)

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच 'परिसीमन संशोधन विधेयक' को लेकर गतिरोध बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रिजिजू ने खड़गे को एक पत्र लिखकर विधेयक पर चर्चा के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का ब्योरा दिया है और कांग्रेस पर महत्वपूर्ण कानूनों के रास्ते में बाधा डालने का आरोप लगाया है। यह पत्र खड़गे के उस अनुरोध के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी।

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रिजिजू ने अपने पत्र में 16 अक्टूबर 2026 को खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "मैं आपको कुछ बातें स्पष्ट करने और इस विषय पर विपक्ष के साथ बातचीत करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का विवरण रिकॉर्ड पर रखने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं।"

सत्र नहीं बुलाने के आरोप पर सरकार का जवाब

खड़गे ने अपने पत्र में सवाल उठाया था कि 13 अगस्त 2026 को सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के 64 दिन बाद भी सत्रावसान क्यों नहीं किया गया। इस पर रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संविधान में ऐसी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है। उन्होंने कहा, "केवल इस आधार पर कि इस दौरान सदन का सत्रावसान नहीं किया गया, इसे कोई संवैधानिक या प्रक्रियात्मक अनियमितता या अनुचित कार्य नहीं माना जा सकता।" उन्होंने अतीत के कई उदाहरण भी दिए, जैसे 2008 में जब लोकसभा 87 दिनों तक बिना सत्रावसान के रही। इसके अलावा उन्होंने 1987 (76 दिन), 1989 (54 दिन), 2006 (49 दिन), 2013 (49 दिन) और 1963 (41 दिन) का भी उल्लेख किया।

विधेयक पर चर्चा के लिए किए गए प्रयास

केंद्रीय मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने परिसीमन विधेयक पर विपक्ष का सहयोग पाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से खड़गे को 16 मार्च 2026, 26 मार्च 2026 और 12 अप्रैल 2026 को पत्र लिखे थे। इसके अलावा, उन्होंने खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी चर्चा की थी।

रिजिजू के अनुसार, बार-बार अनुरोध के बावजूद कांग्रेस ने चर्चा के लिए कोई तारीख नहीं दी, जिसके बाद सरकार ने अन्य दलों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि डीएमके, सपा, वाईएसआरसीपी, एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी), एआईएमआईएम और बीजद जैसे दलों के साथ परामर्श किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अब रचनात्मक सहयोग दिखाना चाहिए, न कि बार-बार वही मांग दोहरानी चाहिए जिस पर पहले ही प्रयास हो चुके हैं। पत्र के अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस पार्टी एक रचनात्मक भूमिका निभाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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