I.N.D.I.A. गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली में करेगा 'वोट बचाओ' रैली, रामलीला मैदान में जुटेंगे नेता-कार्यकर्ता
कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने (वोट डिलीशन) के मुद्दे पर I.N.D.I.A. गठबंधन के दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'वोट…
कथित तौर पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने (वोट डिलीशन) के मुद्दे पर I.N.D.I.A. गठबंधन के दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत होने वाले इस कार्यक्रम में कांग्रेस समेत गठबंधन के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
AICC महासचिव गुलाम अहमद मीर ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम पहले जंतर-मंतर पर होना था, लेकिन सरकार द्वारा वहां प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वैकल्पिक स्थल के रूप में रामलीला मैदान को चुना गया है। मीर ने कहा, "इस कार्यक्रम में देशभर से हमारे ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर के सभी विधायक, पार्टी पदाधिकारी और निचले स्तर के कार्यकर्ता भाग लेंगे।"
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
गुलाम अहमद मीर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने असंवैधानिक और मनमाने फैसले लिए हैं। मीर के अनुसार, चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें विश्वास में लिए बिना एकतरफा निर्णय लिए।
कांग्रेस नेता ने कहा, "उनके इस बयान के छपने के बाद न केवल पूरे हिंदुस्तान में, बल्कि पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां पाई गईं, जिससे यह साबित हुआ कि ज्ञानेश कुमार के आने के बाद हुए चुनाव "चोर दरवाजे से बनाए गए हैं" ताकि एक विशेष पार्टी को लाभ पहुंचाया जा सके।
युवा मतदाताओं पर सबसे ज़्यादा असर
मीर ने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने का सबसे ज्यादा असर युवा पीढ़ी (जेन-जी) पर पड़ा है। उन्होंने कहा, "जो नए मतदाता 18 साल के बाद पंजीकृत होने वाले थे, सबसे ज्यादा उन्हीं को सूची से बाहर रखा गया है।"
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक साल में करीब एक करोड़ तेरह लाख मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिसे उन्होंने देश के लिए एक "बहुत घातक कदम" बताया। मीर ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस, I.N.D.I.A. गठबंधन, गैर-सरकारी संगठन और युवा संगठन मिलकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे।
इनपुट: IANS



