हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: बादल फटने से किन्नौर में NH-05 बंद, राज्य में 60 सड़कें अवरुद्ध
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, किन्नौर जिले में बादल फटने की घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (NH-05)
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, किन्नौर जिले में बादल फटने की घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (NH-05) पर यातायात ठप हो गया है, जबकि पूरे प्रदेश में कुल 60 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मानसून की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 11 लोगों की जान जा चुकी है, 12 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। भारी वर्षा और भूस्खलन से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 69.67 लाख रुपये लगाया गया है, हालांकि दूरदराज के इलाकों से रिपोर्टें आने के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
सबसे ज्यादा प्रभावित कुल्लू, कई जिलों में सड़कें बंद
सड़कें बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी कुल्लू जिले में हो रही है, जहाँ 30 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा सिरमौर में 14, चंबा में 7, मंडी में 5, ऊना और लाहौल-स्पीति में 2-2 तथा किन्नौर में 1 सड़क यातायात के लिए बंद है। किन्नौर के चोलिंग मिडिल स्कूल के पास बादल फटने से NH-05 पर यातायात पूरी तरह से रुक गया है। वहीं, लाहौल-स्पीति में युमरंग के पास अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सरचू तक का मार्ग भी बाधित है।
बिजली-पानी की आपूर्ति पर भी असर
बारिश ने बिजली और पानी की आपूर्ति को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। मंडी जिले में 38 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जबकि चंबा में 8, और किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति में एक-एक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, चंबा जिले में 27 पेयजल योजनाएं ठप पड़ गई हैं, जिससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
संपत्ति का नुकसान और राहत कार्य
आपदा के कारण एक कच्चा मकान पूरी तरह से ढह गया है, जबकि सात कच्चे मकानों और दो गौशालाओं को आंशिक क्षति पहुंची है। राज्य सरकार ने प्रभावितों के लिए अब तक लगभग 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
इनपुट: IANS



