यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: कीव समेत कई शहरों को 151 ड्रोन और 13 मिसाइलों से बनाया निशाना, दो की मौत
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार रात देश के कई शहरों पर बड़े रूसी हमले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रूस ने कुल 13 मिसाइलें और 151 ड्रोन दागे, जिससे राजधानी कीव समेत कई इलाकों
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार रात देश के कई शहरों पर बड़े रूसी हमले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रूस ने कुल 13 मिसाइलें और 151 ड्रोन दागे, जिससे राजधानी कीव समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले कीव में हुए मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे समेत पांच लोग घायल हुए हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पिछली रात रूस के मिसाइल हमले में कीव में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए डर फैलाने की कोशिश कर रहा है और लगातार हमले कर रहा है। जुलाई महीने में ही कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से यह छठा हमला था।
विभिन्न शहरों में तबाही
कीव के अलावा भी यूक्रेन के कई अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। रूसी हमलों में खारकीव क्षेत्र में चार लोग घायल हुए, जहां ड्रोन और गाइडेड हवाई बमों का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों में आम नागरिकों के घर, एक सिनेमा हॉल और एक टेनिस कोर्ट जैसी नागरिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा, सूमी में एक सार्वजनिक पार्क पर हमला किया गया और उसी क्षेत्र में ट्रैक्टरों के एक दल को भी निशाना बनाया गया। जापोरिज्जिया में कई अपार्टमेंट इमारतों को क्षति पहुंची है। हमले में विनित्सिया, झितोमिर, मायकोलाइव और दोनेत्स्क क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
हवाई सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता
जेलेंस्की ने बताया कि रूस द्वारा दागी गई 13 मिसाइलों में आठ बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सबसे जरूरी यह है कि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति तेज की जाए। राष्ट्रपति के अनुसार, "हर सहायता पैकेज अहम है, और हमारे साझेदारों के साथ जो भी समझौते हुए हैं, उनका सामान समय पर पहुंचना चाहिए। इनकी समय पर डिलीवरी से लोगों की जान बचाने में मदद मिलती है और रूस के हमलों का असर कम होता है।"
इनपुट: IANS



