गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

ईरान का अमेरिका पर आरोप: कैंसर अस्पताल के पास हमला 'कायराना युद्ध अपराध'

ईरान ने अमेरिका पर अहवाज में बच्चों के एक कैंसर अस्पताल के पास हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस हमले के कारण अस्पताल को खाली कराना पड़ा और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले ज

ईरान का अमेरिका पर आरोप: कैंसर अस्पताल के पास हमला 'कायराना युद्ध अपराध'
(फोटो: IANS)

ईरान ने अमेरिका पर अहवाज में बच्चों के एक कैंसर अस्पताल के पास हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस हमले के कारण अस्पताल को खाली कराना पड़ा और कीमोथेरेपी करा रहे 211 बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ईरान ने इस कार्रवाई को एक "कायराना युद्ध अपराध" और इज़रायल द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं पर किए जाने वाले हमलों जैसा बताया है।

विज्ञापन

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा, "अहवाज में बच्चों के कैंसर के इलाज के एक केंद्र, शहीद बकाई अस्पताल को बुधवार रात खाली कराना पड़ा क्योंकि अमेरिका ने पास के एक स्थान पर हमला किया।" उन्होंने बताया कि यह बर्बर हमला अस्पताल में भर्ती बच्चों के लिए भारी तकलीफ और डर का कारण बना।

हमला और जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर स्थानीय समयानुसार बुधवार को 90 मिनट तक ताबड़तोड़ हमले किए थे। 'एक्स' पर साझा की गई जानकारी में कमांड ने लिखा, "दोपहर तीन बजे (स्थानीय समय) पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर के लिए ऑपरेशन शुरू किया।" अमेरिका के अनुसार, यह हमले ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहे थे, जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।

इसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। IRGC के मुताबिक, इन हमलों में अमेरिकी सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, खास कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।

मानवाधिकार पर सवाल

प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अपनी टिप्पणी में मानवाधिकारों की बात करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जो लोग हर समय मानवाधिकारों की बातें करते हैं लेकिन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाए जाने पर जानबूझकर चुप रहते हैं, उन्होंने अपनी बची-खुची नैतिक विश्वसनीयता भी खो दी है।" उन्होंने इस हमले को अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे मासूम बच्चों के खिलाफ किया गया एक कायराना युद्ध अपराध करार दिया।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →