रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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जानें खंडोबा मंदिर के अनोखे किस्से?

महाराष्ट्र के पुणे जिले में जेजुरी नगर में स्थित खंडोबा मंदिर भगवान शिव के एक रूप को समर्पित है। यह मंदिर 718 मीटर की ऊंचाई पर बनी हेमाड़पंथी शैली की संरचना है जिसके साथ राक्षसों के वध से जुड़ी पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं।

जानें खंडोबा मंदिर के अनोखे किस्से?

भारत अपने भव्य मंदिरो के कारण विश्वभर में प्रसद्धि है। कई अनोखे,रोचक और रहस्यमय कहानी को अपनी भीतर समेटे हुआ है, जो भव्य इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है और उन्हें एक अनूठे अंदाज़ में दर्शाता है। हम बात कर रहे है खंडोबा मंदिर के बारे में यह प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के पुणे जिले में जेजुरी नामक नगर में है। मंदिर एक छोटी-सी पहाड़ी पर 718 मीटर (करीब 2,356 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए दो सौ के करीब सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस मदिर के साथ कई अद्भुत कहानियाँ और किस्से जोड़े हुए है जो आपको आचार्य चकित कर देंगे।

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इस मंदिर में देवता शिव के एक रूप भगवान खंडोबा की पूजा उपासना की जाती है। उन्हें मार्तण्ड भैरव और मल्हारी जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है, भगवान खंडोबा की मूर्ति घोड़े की सवारी करते एक योद्धा के रूप में है। उनके हाथ में राक्षसों को मारने के लिए कि एक बड़ी सी तलवार है। खंडोबा मंदिर को दो भागो में बांटा गया है। पहला भाग मंडप कहलाता है जबकि दूसरे भाग में गर्भगृह है, जिसमें भगवान खंडोबा की मूर्ति स्थापित है। हेमाड़पंथी शैली में बने इस मंदिर में पीतल से बना एक बड़ा सा कछुआ भी है। इसके अलावा मंदिर में एतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई हथियार भी रखे गए हैं। दशहरे के दिन यहां भारी भरकम तलवार को दांत के सहारे अधिक समय तक उठाए रखने की एक प्रतियोगिता भी होती है, जो बहुत प्रसिद्ध है। 

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इस मंदिर के इतिहास की बात करे तो धरती पर मल्ल और मणि नाम के दो राक्षस भाईयों का अत्याचार काफी बढ़ गया था, जिसे खत्म करने के लिए भगवान शिव ने मार्तंड भैरव का अवतार धारण किया, कहते हैं कि भगवान ने मल्ला का सिर काट कर मंदिर की सीढ़ियों पर छोड़ दिया था जबकि मणि ने मानव जाति की भलाई का वरदान भगवान से मांगा था इसलिए उसे उन्होंने छोड़ दिया। इस पौराणिक कथा का उल्लेख ब्रह्माण्ड पुराण में मिलता है। 

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आप जानकर हैरान हो जाएंगे की भगवान खंडोबा को एक उग्र देवता के रूप में माना जाता है इसलिए इनकी पूजा के नियम काफी सख्त से पालन किया जाता है यहाँ तक कि कभी-कभी बकरी का मांस भी मंदिर के बाहर भगवान को अर्पित किया जाता है।

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Sadhna Sharma

साधना शर्मा News4Social की संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय खबरों और रोज़मर्रा के ताज़ा घटनाक्रम को कवर करती हैं, और मुद्दों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ध्यान देती हैं। सभी लेख देखें →

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