मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में खान और खनिज संशोधन विधेयक पारित, विपक्ष का हंगामा
संसद के मानसून सत्र का समापन राज्यसभा में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने के साथ हो गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्षी सदस्यों की जोरदार नारेबाजी के बीच…
संसद के मानसून सत्र का समापन राज्यसभा में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने के साथ हो गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्षी सदस्यों की जोरदार नारेबाजी के बीच केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस विधेयक को सदन में पेश किया, जिसे बाद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में खनिज क्षेत्र से राज्यों को मिलने वाले राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पहले राज्यों को लगभग 50 प्रतिशत राजस्व मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गया है, जबकि केंद्र सरकार को केवल 4 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। रेड्डी ने यह भी कहा कि तेल क्षेत्र में भी राज्यों के राजस्व में काफी वृद्धि दर्ज की गई है।
राजस्व वृद्धि और राज्यों का हित
विपक्ष पर निशाना साधते हुए रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार राज्यों के हितों के लिए काम कर रही है और विपक्ष को इसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कराधान किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है और संसद की सहमति के बिना देश के खनन क्षेत्र का विकास प्रभावित होगा। उन्होंने कहा, "मेरा विश्वास है कि खनिज क्षेत्र के विकास से राज्यों का राजस्व बढ़ेगा और देश को इसका लाभ मिलेगा।”
इससे पहले, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को सूचित किया कि संसदीय कार्य मंत्री के अनुरोध पर विधेयक पर तत्काल विचार करने के लिए प्रश्नकाल और शून्यकाल को स्थगित किया गया। यह फैसला विधेयक के महत्व को देखते हुए लिया गया और सूचीबद्ध प्रश्नों के उत्तरों को सदन के पटल पर रखा हुआ मान लिया गया।
इनपुट: IANS



