गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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वैश्विक दबाव और महंगे कच्चे तेल का असर, भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंक टूट गया…

वैश्विक दबाव और महंगे कच्चे तेल का असर, भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
(फोटो: IANS)

कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि निफ्टी में 200 से अधिक अंकों की कमजोरी दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 628 अंक (0.84%) गिरकर 74,199 पर और निफ्टी 207 अंक (0.88%) की गिरावट के साथ 23,299 पर कारोबार कर रहा था।

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बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली रही। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक जैसे सूचकांक लगभग 2-2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ सबसे ज्यादा टूटे। इनके अलावा मेटल, रियल्टी, एनर्जी और इंफ्रा समेत लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे, जो बाजार पर चौतरफा दबाव को दर्शाता है।

लार्ज-कैप से लेकर स्मॉल-कैप तक दबाव

बाजार में गिरावट का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं था। लार्ज-कैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक (0.97%) फिसलकर 61,808 पर आ गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 147 अंकों (0.74%) की गिरावट के साथ 19,844 पर कारोबार हो रहा था।

सेंसेक्स की कंपनियों में जहाँ टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इंफोसिस जैसी आईटी और फार्मा कंपनियों के शेयर हरे निशान में थे, वहीं गिरावट वाले शेयरों की सूची काफी लंबी थी। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयर शुरुआती कारोबार में लूजर्स में शामिल थे।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दो प्रमुख वैश्विक कारक इस समय बाजार पर हावी हैं। पहला, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत का 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना और दूसरा, अमेरिका में 10-साल के बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.11 प्रतिशत हो जाना। जानकारों के अनुसार, जब तक ये चुनौतियां बनी रहेंगी, तब तक बाजार में तेज रिकवरी की उम्मीद कम है। एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों जैसे टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में भी कमजोरी का रुख देखा गया, जबकि अमेरिकी बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

इनपुट: IANS

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