अयातुल्ला खामेनेई को अंतिम विदाई: ईरान में विशेष इंतजाम, 9 जुलाई को मशहद में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें शामिल होने के लिए देश भर से शोकाकुल लोगों की भारी भीड़ तेहरान पहुंच रही है। समाचार एजेंसी IANS की र
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें शामिल होने के लिए देश भर से शोकाकुल लोगों की भारी भीड़ तेहरान पहुंच रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने उमड़ते जनसैलाब को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें निशुल्क परिवहन से लेकर ठहरने के लिए हजारों स्कूलों को खोलना शामिल है। खामेनेई को 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
शनिवार तड़के से ही तेहरान का ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला शोक व्यक्त करने आए लोगों से भर गया, जहाँ रविवार तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम जारी रहेगा। आयोजकों का अनुमान है कि अकेले तेहरان में शनिवार को 1 करोड़ से अधिक लोग पहुंच सकते हैं।
कई शहरों में होंगे कार्यक्रम
अंतिम विदाई के कार्यक्रम कई दिनों तक चलेंगे। तेहरान में सोमवार को एक बड़ा जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद मंगलवार को क़ोम और गुरुवार को मशहद में भी विशेष रस्में होंगी। बुधवार को इराक के पवित्र शहरों नजफ़ और कर्बला में भी खामेनेई के लिए विशेष आयोजन रखे गए हैं।
विदेशी गणमान्य हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
शुक्रवार को विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और धार्मिक नेताओं ने आधिकारिक तौर पर श्रद्धांजलि दी। भारत सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, जिसमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन शामिल थे।
व्यापक सुरक्षा और सुविधाएं
ईरान सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए कई कदम उठाए हैं। होटल किराए में 50% की छूट दी गई है और ठहरने के लिए देशभर में 5,000 से ज्यादा स्कूल खोले गए हैं। इसके अलावा, मस्जिदों और खेल परिसरों में भी व्यवस्था की गई है। तेहरान में लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए मेट्रो और सरकारी बसों को पूरी तरह से निशुल्क कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से तेहरान के हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए एस-300 और बावर-373 जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए गए हैं और ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
इनपुट: IANS



