शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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PoK: कोटली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर फायरिंग का आरोप, वायरल वीडियो से बढ़ा तनाव

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज़ होती जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब…

PoK: कोटली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर फायरिंग का आरोप, वायरल वीडियो से बढ़ा तनाव
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज़ होती जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब महिलाओं को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिसका एक कथित वीडियो गुरुवार को वायरल हो गया। वीडियो में कोटली इलाके में प्रदर्शनकारी महिलाओं को अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है।

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आरोप है कि ये महिलाएं जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं, तभी पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उन पर गोलियां चला दीं। ये प्रदर्शनकारी रावलकोट और मीरपुर में पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ नारे लगा रही थीं। इसी दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम अपने भाइयों का साथ देने के लिए बाहर आए हैं। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं। जो लोग हम पर गोली चला रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहती हूं कि हम किसी चीज से डरने वाले नहीं हैं।"

मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि बीते तीन दिनों में ही प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई में 40 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अन्य घायल हुए हैं।

यूकेपीएनपी के मुताबिक, 27 और 28 जुलाई के बीच रावलकोट, मीरपुर और अन्य इलाकों में करीब 40 नागरिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए और उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया। संगठन का यह भी दावा है कि 5 जून से अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, सैकड़ों गंभीर रूप से घायल हैं और कई लोगों को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

यूकेपीएनपी ने पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक या गैरकानूनी बल का प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

इस स्थिति को देखते हुए संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो और पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने के लिए दबाव बनाया जाए।

इनपुट: IANS

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