केरल दोहरा हत्याकांड: दोषी चेंथमारा को मौत की सज़ा, कोर्ट ने कहा 'दुर्लभतम मामला'
केरल के नेनमारा में हुए दोहरे हत्याकांड के चर्चित मामले में पलक्कड़ की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने दोषी चेंथमारा को मौत की सज़ा सुनाई है। कोर्ट ने इस अपराध को "दुर्लभतम मामलों" की श्रेणी में रखते हुए…
केरल के नेनमारा में हुए दोहरे हत्याकांड के चर्चित मामले में पलक्कड़ की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने दोषी चेंथमारा को मौत की सज़ा सुनाई है। कोर्ट ने इस अपराध को "दुर्लभतम मामलों" की श्रेणी में रखते हुए यह फैसला दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सज़ा सुनाने से पहले अभियोजन और बचाव पक्ष की विस्तृत दलीलें सुनीं।
यह मामला 27 जनवरी 2025 का है, जब नेनमारा के पास पोथुंडी की बोयन कॉलोनी में 50 वर्षीय सुधाकरन और उनकी 75 वर्षीय मां लक्ष्मी की उनके घर में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। अदालत ने इसी मामले में चेंथमारा को दोषी पाया था।
जुर्माना और मुआवज़ा
मौत की सज़ा के अलावा, अदालत ने चेंथमारा पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि मृतक सुधाकरन और सजिथा के बच्चों को मुआवज़े के तौर पर दी जाएगी। अदालत ने निर्देश दिया है कि अगर दोषी जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो राज्य सरकार को यह मुआवज़ा देना होगा। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को तीन साल की अतिरिक्त सज़ा काटनी होगी।
अदालत की अहम टिप्पणियाँ
फैसला सुनाते समय कोर्ट ने दोषी के व्यवहार पर कई अहम टिप्पणियाँ कीं। अदालत ने कहा कि चेंथमारा में "पछतावे की कमी" थी और वह लगातार अपनी करनी को सही ठहरा रहा था। कोर्ट ने पाया कि दोषी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था, जिससे बचाव पक्ष की उस दलील को खारिज कर दिया गया जिसमें मानसिक परेशानी के आधार पर सज़ा कम करने की मांग की गई थी। अभियोजन पक्ष की इस दलील को भी स्वीकार किया गया कि हत्याएं एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा थीं और चेंथमारा समाज के लिए लगातार एक ख़तरा बना हुआ है।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर पीड़ितों के परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। सुधाकरन और सजिथा के बच्चों ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उन्हें न्याय मिल गया है। वहीं, जांच अधिकारी मुरलीधरन और पलक्कड़ जिला पुलिस प्रमुख अब्दुल रशीद ने कहा कि पुलिस की गहन जांच और अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल ने दोषी को सज़ा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके विपरीत, बचाव पक्ष के वकील जैकब मैथ्यू ने कहा कि वे इस फैसले से असंतुष्ट हैं और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। उनका मानना है कि अदालत ने सबूतों पर ठीक से गौर नहीं किया।
इनपुट: IANS



