NEET विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, कहा — राष्ट्रसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को…
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस्तीफ़े के बाद प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे देश की युवा शक्ति को किसी भी भ्रम के कुचक्र में फँसने नहीं देना चाहते।
यह इस्तीफ़ा जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट में प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन दुखी है और वे नहीं चाहते कि राष्ट्र-विरोधी ताकतें मौजूदा स्थिति का लाभ उठाएं।
त्यागपत्र का कारण और भविष्य की दिशा
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनका संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य 'परीक्षा माफिया' के कारण खराब न हो और किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं को स्वीकार करते हुए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी ज़िक्र किया। उनके अनुसार, सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित की।
उन्होंने कहा, "देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है।"
छात्रों के लिए संदेश
अपने चार दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए प्रधान ने कहा कि वे हमेशा से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने लिखा, "मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की युवा पीढ़ी न केवल देश का भविष्य है, बल्कि एक नए और विकसित भारत की निर्माता और शिल्पकार भी है।
प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राष्ट्र सेवा का अवसर मिला। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और उन सभी का धन्यवाद किया जिनके साथ उन्हें काम करने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।
इनपुट: IANS



