तेलंगाना विधानसभा में केसीआर की अनुपस्थिति पर कांग्रेस का हमला, सुरक्षा पर 20 करोड़ खर्च करने का आरोप
तेलंगाना में विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा सत्र में शामिल न होने और जनता के मुद्दे नहीं उठाने को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है…
तेलंगाना में विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा सत्र में शामिल न होने और जनता के मुद्दे नहीं उठाने को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि केसीआर विपक्ष के नेता के तौर पर वेतन और सुरक्षा जैसी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करवा रहे हैं, लेकिन सदन की कार्यवाही और चर्चा से दूर भाग रहे हैं।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस विधायक टी. राम मोहन रेड्डी ने केसीआर पर हुए खर्च का विस्तृत ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा, "आज तक विधानसभा में विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के तौर पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की सैलरी लेने के अलावा, सिर्फ उनकी सुरक्षा पर ही कम से कम 20 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें उनके काफिले, सुरक्षा, घूमने-फिरने और ठहरने वगैरह का सारा खर्च शामिल है।"
सदन से दूरी और हंगामा
विधायकों ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि भारी खर्च के बावजूद केसीआर सदन में अपनी भूमिका नहीं निभा रहे हैं। टी. राम मोहन रेड्डी ने आगे कहा, "वे विधानसभा में दस दिन भी नहीं आए और न ही उन्होंने एक बार भी लोगों के मुद्दे उठाए। वह सिर्फ हस्ताक्षर करके चले जाते हैं। इतना खर्च आज तक किसी भी नेता ने नहीं किया। हम लोगों ने जब इस बारे में पूछा तो वह विधायकों के साथ मिलकर हंगामा कर रहे हैं।"
इसी मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस विधायक जे. रामचंद्र नाइक ने केसीआर को चर्चा के लिए चुनौती दी। उन्होंने कहा, "हम लोगों और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए केसीआर को बुला रहे हैं। केसीआर, आप आइए, आपने पिछले 10 सालों में क्या किया और हमने पिछले ढाई सालों में क्या किया है, हम जरूर बताएंगे।" नाइक ने यह भी जोड़ा कि केसीआर चर्चा करने के बजाय "सड़कों पर ड्रामा कर रहे हैं"।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
एक अन्य कांग्रेस विधायक जी. विनोद ने राज्य में विपक्ष के नेता की भूमिका पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा, "केसीआर विधानसभा सत्र में शामिल हों या न हों, यह मुद्दा नहीं है, लेकिन तेलंगाना में अब कोई विपक्ष का नेता नहीं है।" वहीं, कांग्रेस एमएलसी बालमूर वेंकट ने पार्टी के आंतरिक अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसके विरुद्ध जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद, जाति या धर्म का हो।
इनपुट: IANS



