मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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काला सागर में जहाज पर हमला: भारत ने की निंदा, रोमानिया का किया धन्यवाद

काला सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है, जिसमें दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई और चालक दल के कई सदस्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने…

काला सागर में जहाज पर हमला: भारत ने की निंदा, रोमानिया का किया धन्यवाद
(फोटो: IANS)

काला सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है, जिसमें दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई और चालक दल के कई सदस्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक बयान में इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमलों को एक गंभीर विषय बताया।

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हमले का शिकार हुआ यह जहाज एमवी रोयाद मम्मादोव था, जिसमें तीन भारतीय नागरिक भी चालक दल के सदस्य के रूप में सवार थे। मंत्रालय ने पुष्टि की कि तीनों भारतीय सुरक्षित हैं। बयान में कहा गया, "हम काला सागर में एमवी रोयाद मम्मादोव पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो विदेशी नाविक मारे गए और तीन भारतीयों समेत चालक दल के कुछ सदस्य घायल हो गए। घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचा लिया और उनका रखरखाव किया जा रहा है।"

त्वरित मदद के लिए रोमानिया की सराहना

भारत ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई करने और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाने के लिए रोमानियाई अधिकारियों की प्रशंसा की है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम इस घटना में त्वरित कार्रवाई के लिए रोमानियाई अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।" बताया गया है कि घायल भारतीयों का इलाज रोमानिया के एक अस्पताल में चल रहा है।

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी तरह के मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति ही सही रास्ता है। बयान में आगे कहा गया, "अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में यातायात को निशाना बनाना वैश्विक वाणिज्य और दुनिया भर के लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। हम अपील करेंगे कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए करें।"

समुद्री सुरक्षा पर भारत का रुख

यह घटना सोमवार को हुई थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने बताया था कि जहाज में अजरबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे और यह यूक्रेन के इजमेल बंदरगाह से मक्का लेकर इटली के रावेना जा रहा था।

विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि भारत ने सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान लाइबेरिया के साथ मिलकर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ की शुरुआत की थी, जिसमें 25 देश शामिल हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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