बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

भारतीय अर्थव्यवस्था में K-shaped recovery अर्थ और संभावित खतरा

https://youtu.be/Bzl9g7N9bOo कोरोना वायरस ने पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है. भारत भी इसके प्रभाव से बच नहीं पाया है.

भारतीय अर्थव्यवस्था में K-shaped recovery अर्थ और संभावित खतरा
वीडियो

कोरोना वायरस ने पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है. भारत भी इसके प्रभाव से बच नहीं पाया है. जब अर्थव्यवस्था की growth की दर 0 से भी नीचे चली गई है. अब अर्थशास्त्री अनुमान लगा रहे हैं कि जब कोरोना वायरस के प्रभाव से बाहर निकलकर अर्थव्यवस्था recovery  करेगी तो उसका स्वरूप क्या होगा. अब तक मुख्य रूप अर्थव्यवस्था की recovery दर्शाने के लिए हम मुख्य रूप से तीन Shape  का सहारा लेते थे.

विज्ञापन

 “ K “ Shape से recovery को अच्छे से समझने के लिए हम पहले अभी तक मुख्य रूप से प्रयोग होने वाली तीन Shape को जान लेते हैं. “ V “  Shape से recovery जिसका मतलब होता है कि अर्थव्यवस्था एकदम से किसी आपदा के कारण नीचे जाती है. उसके बाद उतनी ही तेजी से वापस उभरती है. “ U “ Shape से recovery का अर्थ होता है कि अर्थव्यवस्था नीचे जाती है तथा उसके बाद कुछ समय तक नीचे रहते हुए थोड़ी recovery के साथ कुछ समय बाद तेजी से recovery करती है. “ L “ Shape से अर्थव्यवस्था की recovery  को सबसे बुरा माना जाता है, जिसमें अर्थव्यवस्था नीचे जाती है. उसके बाद पता नहीं कितने समय बाद recovery कर पाएगी.

k shaped recovery 1
k-shaped economic recovery

अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि जब कोराने के प्रभाव से अर्थव्यवस्था उभरेगी तो वो “ K “ Shape से recovery करेगी. इसका मतलब ये हुआ कि कुछ सेक्टर बहुत तेज growth करेगें तथा कुछ सेक्टर एकदम से लगभग खत्म होने की कगार पर आ जाएगें. इससे देश में अमीर और गरीब के बीच बहुत बड़ी खाई पैदा होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना क्या है?

अगर हम इसके उदाहरण देखें तो जो सेक्टर Online सेवा दे सकते हैं जैसे – मान लो कोई कंपनी साँफ्टवेयर बनाती है या फिर कोई कंपनी Online अपने ग्राहकों को सेवा देती है, तो उनका काम पहले से ज्यादा होगा तथा वो सेक्टर अच्छी growth करेंगें. इसके साथ ही रिक्शा चलाने वाले , रेहड़ी लगाने वाले , मजदूरी करने वाले या फिर होटल जिनका काम Online संभव ही नहीं है, वो सेक्टर growth नहीं कर पाएगें. इन अनुमानों के बाद सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वो उन सेक्टर को कैसे उभारती है.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →