ओडिशा: मेडिकल PG पेपर लीक पर बीजद का हमला, BJP सरकार को परीक्षा प्रणाली में विफलता का दोषी बताया
ओडिशा में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल (MD/MS) परीक्षा के प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को भारतीय जनता…
ओडिशा में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल (MD/MS) परीक्षा के प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीजद ने दावा किया है कि राज्य में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाएं दिखाती हैं कि सरकार परीक्षा प्रणाली पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह विफल रही है।
शुक्रवार को भुवनेश्वर के शंख भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजद विधायक अरुण कुमार साहू और पार्टी उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने 27 जुलाई को ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (ओयूएचएस) द्वारा आयोजित मेडिकल पीजी परीक्षा में हुई कथित धांधली की गहन जांच की मांग की।
भाजपा शासन में 23 पेपर लीक का दावा
बीजद नेताओं ने दावा किया कि भाजपा सरकार के 24 महीने के कार्यकाल के दौरान प्रश्न पत्र लीक होने की 23 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। प्रताप जेना ने आरोप लगाया कि कड़े कानून होने के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, क्योंकि राज्य सरकार व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर नीट पेपर लीक ने देश को झकझोर दिया था, और अब ओडिशा में मेडिकल पीजी परीक्षा के लीक ने लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
"इंडियन पेपर लीक" कह कर कसा तंज
बीजद विधायक अरुण कुमार साहू ने तंज कसते हुए कहा कि ओडिशा और देश में प्रश्न पत्र लीक होना एक आम बात हो गई है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से तुलना करते हुए कहा कि ये घटनाएं इतनी आम हैं कि लोग अब इन्हें 'इंडियन पेपर लीक (आईपीएल)' कहने लगे हैं। साहू ने आरोप लगाया कि 27 जुलाई की परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र और उसके उत्तर व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग मोबाइल फोन पर प्रसारित किए जा रहे थे।
राज्य में है कड़ा कानून
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नीट विवाद के बाद 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' बनाया था। इसी तर्ज पर ओडिशा विधानसभा ने भी दिसंबर 2024 में 'ओडिशा पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' पारित किया था, जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
इनपुट: IANS



