झारखंड: छात्रों के साथ तीसरे दौर की वार्ता भी विफल, सरकार बोली- ज्यादातर मांगें मानीं, आंदोलन खत्म करें
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। रविवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही, क्योंकि छात्र जेएसएससी-सीजीएल…
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है। रविवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही, क्योंकि छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा 2024 को रद्द करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि उसने प्रदर्शनकारियों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बातचीत विफल होने के बाद रविवार रात सरकार की ओर से चार मंत्रियों के एक समूह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस समूह का नेतृत्व कर रहे मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों का आंदोलन जारी रखना "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" है, जबकि उनकी अधिकांश प्रमुख मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने छात्रों से "हठधर्मिता" छोड़कर आंदोलन वापस लेने और बातचीत से समाधान खोजने की अपील की।
सरकार के प्रस्ताव और छात्रों का रुख
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार ने 14वीं जेपीएससी पीटी और सिविल सेवा की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर अपनी सहमति दे दी है। इसके अलावा, परीक्षाओं में वित्तीय लेन-देन की सीआईडी जांच के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) से भी जांच कराने के लिए पत्र लिखने का फैसला किया गया है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि विवादित एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित अन्य सभी परीक्षाओं की भी गहन जांच की जाएगी और सबूत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
हालांकि, सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार ने अपनी असमर्थता जताई। सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया, "यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत पूरी हुई है, और इसके आधार पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, इसलिए इसे रद्द करना सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कराने का प्रस्ताव दिया था, जिसे छात्रों ने स्वीकार नहीं किया।
आगे की राह: आंदोलन और सुधार
अपनी मांगें पूरी न होने पर छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार (10 अगस्त) को विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का वादा किया है। इसके लिए सभी संबंधित पक्षों, जिसमें छात्र भी शामिल हैं, से सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया गया है और एक नया पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।
इनपुट: IANS



