रविवार, 9 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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शहरी आवास योजना: केंद्र ने 1 करोड़ से ज़्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे, 2.09 लाख नए घरों को मंज़ूरी

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक देशभर में शहरी गरीबों के लिए बनाए गए एक करोड़ से…

शहरी आवास योजना: केंद्र ने 1 करोड़ से ज़्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे, 2.09 लाख नए घरों को मंज़ूरी
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक देशभर में शहरी गरीबों के लिए बनाए गए एक करोड़ से ज़्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत कुल 1.25 करोड़ से अधिक मकानों को मंज़ूरी दी थी।

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यह जानकारी केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक बयान में दी गई। इसके साथ ही, PMAY-U 2.0 के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए 2.09 लाख अतिरिक्त मकानों को मंज़ूरी देने की भी घोषणा की गई।

नई स्वीकृतियां और योजना की प्रगति

ये नए मकान 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए जाएंगे, जिनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। यह फ़ैसला हाल ही में दिल्ली के संकल्प भवन में हुई केंद्रीय मंज़ूरी एवं निगरानी समिति की आठवीं बैठक में लिया गया। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

ताज़ा स्वीकृतियों के बाद, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत कुल मंज़ूर मकानों की संख्या बढ़कर 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें से 14.40 लाख घर 'लाभार्थी आधारित निर्माण' घटक के तहत, जबकि 2.48 लाख घर 'साझेदारी में किफायती आवास' के तहत बनाए जाएंगे।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर

मंत्रालय ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह योजना महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा माध्यम बन रही है। कुल मंज़ूर 1.25 करोड़ मकानों में से 1 करोड़ मकान या तो सीधे तौर पर घर की महिला मुखिया के नाम पर हैं या फिर संयुक्त स्वामित्व में हैं। बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री के नारी शक्ति पर जोर से प्रेरित होकर योजना ने मकानों के महिला स्वामित्व को प्राथमिकता दी है।” इस कदम से महिलाओं को न केवल वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान मिला है, बल्कि पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका भी मज़बूत हुई है।

योजना के प्रमुख घटक

योजना के तहत अलग-अलग घटकों के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। 'लाभार्थी आधारित निर्माण' घटक में, अपनी ज़मीन पर पक्का घर बनाने के लिए लाभार्थियों को 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलती है। वहीं, 'साझेदारी में किफायती आवास' घटक के अंतर्गत, सरकारी और निजी एजेंसियां किफायती आवास परियोजनाएं विकसित करती हैं, जिसमें केंद्र सरकार पात्र लाभार्थियों को मदद देती है। बैठक में सचिव सतेंद्र सिंह ने योजना को तेज़ी से लागू करने और प्रभावी निगरानी पर ज़ोर दिया ताकि इसका लाभ हर योग्य शहरी परिवार तक पहुँच सके।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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