यमन: हूती विद्रोहियों ने मोचा बंदरगाह पर किया बड़ा हमला, सऊदी समर्थित बलों को बनाया निशाना
यमन में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक मोचा बंदरगाह शहर में सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ एक बड़े हमले की जिम्मेदारी ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी…
यमन में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक मोचा बंदरगाह शहर में सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ एक बड़े हमले की जिम्मेदारी ली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान जारी कर इस ऑपरेशन की पुष्टि की।
प्रवक्ता ने अपने बयान में बताया कि इस हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। सरी के मुताबिक, इन हथियारों से मोचा इलाके में सैनिकों के जमावड़े और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इससे कुछ ही समय पहले, स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया था कि हूतियों ने बंदरगाह की ओर कई मिसाइलें दागीं, जो परिसर के अंदर 'नागरिक क्षेत्रों' को निशाना बना रही थीं।
धमाकों से दहला बंदरगाह शहर
इस हमले के बाद मोचा के स्थानीय निवासियों ने सिन्हुआ को बताया कि उन्होंने बंदरगाह की दिशा से कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। इसके साथ ही, इलाके से धुएं का गुबार उठता हुआ भी देखा गया। यह शहर यमन के पश्चिमी ताइज प्रांत में स्थित है और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास होने के कारण इसका सामरिक महत्व बहुत अधिक है। यह जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है। बंदरगाह और आसपास के तटीय इलाकों पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थक बलों का नियंत्रण है।
बढ़ता तनाव और सऊदी रिफाइनरी पर हमला
यह हमला यमन में हाल के दिनों में बढ़े तनाव के बीच हुआ है। हूती समूह ने पूर्वी प्रांतों मारिब और हद्रामौत में भी सरकारी बलों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसी दिन, हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जजान में स्थित सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले का दावा किया। प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे एक 'सटीक हमला' बताया और कहा कि यह कार्रवाई उत्तरी यमन के सादा और हज्जा प्रांतों के हवाई क्षेत्र में सऊदी अरब द्वारा ड्रोन भेजे जाने के जवाब में की गई थी।
हालांकि, हूतियों ने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। वहीं, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने जजान रिफाइनरी की एक इकाई में आग लगने की पुष्टि की, जिस पर अग्निशमन टीमों ने काबू पा लिया। मंत्रालय के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
इनपुट: IANS



