फ्रांस और स्पेन के जंगलों में भीषण आग, यूरोपीय देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
यूरोप के दो बड़े देश, फ्रांस और स्पेन, इन दिनों अपने जंगलों में लगी विनाशकारी आग से जूझ रहे हैं। इस संकट की घड़ी में यूरोपीय संघ के सदस्य देश उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक…
यूरोप के दो बड़े देश, फ्रांस और स्पेन, इन दिनों अपने जंगलों में लगी विनाशकारी आग से जूझ रहे हैं। इस संकट की घड़ी में यूरोपीय संघ के सदस्य देश उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोमानिया और ग्रीस पहले से ही मदद कर रहे थे और अब उन्होंने अपने राहत अभियान को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस यूरोपीय एकजुटता की सराहना की। उन्होंने लिखा, "फ्रांस और स्पेन में लगी जंगल की आग अब भी लगातार तबाही मचा रही है, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में यूरोप की एकजुटता भी पूरी मजबूती से सामने आ रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार से पोलैंड भी इस राहत अभियान का हिस्सा बन जाएगा। अध्यक्ष ने सभी के साहस और समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।
स्पेन में स्थिति गंभीर, हज़ारों लोग सुरक्षित निकाले गए
स्पेन में हालात विशेष रूप से चिंताजनक हैं, जहाँ कास्टेलॉन प्रांत के वैल डी'उइक्सो इलाके में लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। स्पेनिश मीडिया के हवाले से बताया गया है कि यह आग लगभग 10,000 हेक्टेयर (करीब 25,000 एकड़) क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है और इसका दायरा 81 किलोमीटर तक फैल गया है। खतरे को देखते हुए लगभग 10,000 लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। स्पेन के सार्वजनिक प्रसारक आरटीवीई ने पुष्टि की है कि आग अभी नियंत्रण से बाहर है। मैड्रिड, एविला, टोलेडो, कास्टेलॉन और अल्मेरिया सहित कई क्षेत्रों में आग बुझाने का काम जारी है।
फ्रांस में बढ़ी सतर्कता
उधर, फ्रांस में भी बढ़ते तापमान के कारण सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने संकट की निगरानी के लिए अपनी छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक नई गर्मी की लहर के बीच आग को दोबारा फैलने से रोकने की है।
इनपुट: IANS



