JPSC परीक्षा धांधली: तीन और गिरफ्तारियां, CID की जांच में रांची के दो होटलों पर भी छापा
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने शुक्रवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या आठ हो गई है।
गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्ति परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के कर्मचारी हैं। सीआईडी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उनकी पहचान हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार के रूप में की गई है। एजेंसी इन तीनों से परीक्षा के संचालन और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े पहलुओं पर गहन पूछताछ कर रही है।
जांच का बढ़ता दायरा और पिछली गिरफ्तारियां
इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने रांची पुलिस के सहयोग से शहर के दो होटलों में भी छापेमारी की है। हालांकि, इन छापों के दौरान क्या बरामद हुआ, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।
इससे पहले CID ने JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। अन्य गिरफ्तार लोगों में TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी (उर्फ अभय कुमार तिवारी), और कंपनी के दो कर्मचारी मो. उस्मान व मो. एबाद शामिल हैं। ये सभी पांचों आरोपी अदालत के आदेश पर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर हैं, जहां उनसे पूछताछ चल रही है।
डिजिटल सबूतों और ब्लैकलिस्टेड कंपनी की भूमिका पर फोकस
CID ने इस मामले में सीआईडी थाना में कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) व झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत जांच कर रही है।
जांच के क्रम में JPSC मुख्यालय और TDPL के दफ्तरों से सर्वर, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और पेन ड्राइव जैसे कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या रिजल्ट तैयार करते समय OMR डेटा या अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के साथ कोई छेड़छाड़ हुई थी। CID इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि जिस TDPL कंपनी को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 2025 में ब्लैकलिस्ट कर दिया था, उसे JPSC की परीक्षाओं का काम किन परिस्थितियों में और किन अधिकारियों की भूमिका से मिला।
इनपुट: IANS



