रांची: JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन, पुलिस और भाजयुमो कार्यकर्ताओं में झड़प
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के नतीजों में कथित गड़बड़ियों को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में जमकर बवाल हुआ। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के नतीजों में कथित गड़बड़ियों को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में जमकर बवाल हुआ। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने JPSC मुख्यालय का घेराव किया, जिसके दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आयोग के दफ्तर में घुसने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने बल प्रयोग कर रोक दिया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने किया। इसमें राज्य के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी पहले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जमा हुए और फिर वहां से JPSC मुख्यालय तक मार्च निकाला।
पुलिस का सख्त पहरा और प्रदर्शनकारियों की मांगें
हालात को देखते हुए आयोग के दफ्तर के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग के साथ-साथ वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण बल को भी तैयार रखा गया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तनाव का माहौल बना रहा।
प्रदर्शनकारियों ने JPSC के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उनकी मुख्य मांगें थीं:
- परीक्षा परिणाम बिना कट-ऑफ अंक जारी किया गया।
- जारी की गई मेरिट लिस्ट पर सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं थे।
- अभ्यर्थियों को उनकी OMR शीट उपलब्ध नहीं कराई गई।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया को तत्काल रद्द कर नए सिरे से आयोजित करने की मांग की।
CBI जांच की मांग और सरकार का पक्ष
भाजपा नेताओं ने हाल ही में सीआईडी द्वारा JPSC मुख्यालय और परीक्षा एजेंसी पर की गई छापेमारी का हवाला देते हुए पूरी प्रक्रिया को संदेहास्पद बताया। उन्होंने कहा कि आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे से अनियमितताओं की आशंका और पुख्ता हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांग दोहराई कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए, क्योंकि उन्हें राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं है।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच पहले ही सीआईडी को सौंप दी गई है। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इनपुट: IANS



