भर्ती परीक्षाओं पर भारी हंगामा, झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र समय से पहले समाप्त
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विवाद और भारी हंगामे के कारण विधानसभा का मानसून सत्र अपने निर्धारित समय से एक दिन पहले ही मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विवाद और भारी हंगामे के कारण विधानसभा का मानसून सत्र अपने निर्धारित समय से एक दिन पहले ही मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे कार्यवाही चलाना असंभव हो गया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्र की कार्यवाही मूल कार्यक्रम के अनुसार 12 अगस्त तक चलनी थी। लेकिन लगातार शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने इसे समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह "बहुत भारी और दुखी मन से" सदन को स्थगित कर रहे हैं और विपक्ष के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई, जिससे ऐसा लगा कि वे सदन नहीं चलने देना चाहते।
सदन में टकराव और नारेबाजी
दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जेपीएससी-जेएसएससी मामले पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायकों के खिलाफ 'चंदा चोर' के नारे लगाए, जिससे माहौल और गरमा गया। हंगामा बढ़ता देख सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायक सदन के वेल में पहुंच गए। सत्ता पक्ष की ओर से दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की और योगेंद्र महतो जैसे मंत्री और विधायक वेल में थे, जबकि विपक्षी विधायक भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
मुख्यमंत्री का विपक्ष पर आरोप
इस हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती विवाद पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, विपक्ष लगातार सरकार से जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और भाजपा के बुलाए झारखंड बंद पर जवाब की मांग करता रहा। इसी शोर-शराबे के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में अपना प्रतिवेदन पेश किया, जिसे हंगामे के बीच ही पारित कर दिया गया।
इनपुट: IANS



