रामगढ़ पावर प्लांट हादसा: टर्बाइन ब्लास्ट में तीन इंजीनियरों की मौत, प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप
झारखंड के रामगढ़ जिले में एक पावर प्लांट में हुआ भीषण टर्बाइन ब्लास्ट तीन इंजीनियरों के लिए जानलेवा साबित हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हादसे में एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गए…
झारखंड के रामगढ़ जिले में एक पावर प्लांट में हुआ भीषण टर्बाइन ब्लास्ट तीन इंजीनियरों के लिए जानलेवा साबित हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस हादसे में एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है। घटना शनिवार को बरकाकाना थाना क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात के पावर प्लांट में घटी, जिसके बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा पावर प्लांट के कंट्रोल रूम में सिस्टम के ज़्यादा गर्म (ओवरहीट) होने के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि सिस्टम फेल होने और टर्बाइन की रफ़्तार अनियंत्रित रूप से बढ़ने (ओवरस्पीड) की वजह से एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे कर्मचारी और इंजीनियर आ गए।
प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
इस हादसे के बाद प्लांट के कर्मचारियों ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यह हादसा प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है और इसे टाला जा सकता था। कर्मचारियों के अनुसार, कंट्रोल रूम का एयर कंडीशनर (AC) करीब एक महीने से खराब था, जिससे वहां का तापमान लगातार बढ़ रहा था। इसकी जानकारी प्रबंधन को दी गई थी, लेकिन कूलिंग व्यवस्था को ठीक नहीं कराया गया।
एक कर्मचारी ने IANS को बताया, "हमने एक-दो महीने पहले से ही मैनेजमेंट को बताना शुरू किया था कि कंट्रोल रूम का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस की बजाय 50-60 डिग्री सेल्सियस रहता है।" उन्होंने कहा कि एसी की जगह कूलर की अस्थायी व्यवस्था की गई थी, जो नाकाफी थी।
कैसे हुआ यह जानलेवा हादसा?
कर्मचारियों का दावा है कि कंट्रोल रूम के अत्यधिक तापमान ने सीधे तौर पर पैनल और सिस्टम को प्रभावित किया। इसी वजह से प्लांट का प्रोटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर सका। जब टर्बाइन ओवरस्पीड हुआ तो सेफ्टी डिवाइस फेल हो गए, जिसके बाद टर्बाइन में ज़ोरदार विस्फोट हो गया।
बरकाकाना थाना प्रभारी उमाशंकर वर्मा ने तीन कर्मियों की मौत और एक के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान विनीत महतो (बोकारो), संजीव केसरी (धनबाद) और अभिषेक पांडेय (गढ़वा) के रूप में हुई है। वहीं, हजारीबाग निवासी तरुण रवानी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच, मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और घायल के बेहतर इलाज की मांग की है।
इनपुट: IANS



