जामताड़ा: प्रसूता-नवजात की मौत पर बवाल, अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
झारखंड के जामताड़ा में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल में तोड़फोड़ की, जिसके जवाब में…
झारखंड के जामताड़ा में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल में तोड़फोड़ की, जिसके जवाब में जिले के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के गृह क्षेत्र की है।
पूरा घटनाक्रम गुरुवार को जामताड़ा शहर के सरकारबांध (महुलडंगाल) इलाके की रहने वाली 22 वर्षीय रीना देवी की मौत के बाद शुरू हुआ। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सदर अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज में लापरवाही हुई। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किए जाने के बाद समय पर सरकारी एम्बुलेंस मुहैया नहीं कराई गई, जिसके चलते निजी वाहन से ले जाते समय रास्ते में ही मां और बच्चे दोनों ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में तोड़फोड़ और FIR
इस दुखद घटना के बाद, गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। उन्होंने मुख्य सड़क भी जाम कर दी, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में FIR दर्ज की है। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है और कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
प्रशासन का आश्वासन और डॉक्टरों की हड़ताल
बढ़ते विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने मृतका के पति को संविदा पर सरकारी नौकरी, आर्थिक मदद और ड्यूटी पर तैनात ANM को तत्काल निलंबित करने का आश्वासन दिया। मामले की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड भी बनाया गया है। वहीं, अस्पताल में हुई हिंसा के खिलाफ झारखंड मेडिकल एसोसिएशन और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी संघों के आह्वान पर डॉक्टरों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। हड़ताल से ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पताल में तोड़फोड़ की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है और जिला प्रशासन को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने भी मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। प्रशासन का कहना है कि मौत के कारणों और अस्पताल में हुई हिंसा, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।
इनपुट: IANS



