मंगलवार, 18 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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असम के स्कूलों में AI का उपयोग: ड्रॉपआउट रोकने और पढ़ाई को बेहतर बनाने की नई पहल

असम सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उन छात्रों की समय…

असम के स्कूलों में AI का उपयोग: ड्रॉपआउट रोकने और पढ़ाई को बेहतर बनाने की नई पहल
(फोटो: IANS)

असम सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उन छात्रों की समय रहते पहचान की जाएगी, जिनके स्कूल छोड़ने की आशंका है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस AI-आधारित रोडमैप को पेश किया, जिसका लक्ष्य कक्षाओं को अधिक स्मार्ट, समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाना है।

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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस पहल की जानकारी देते हुए कहा, "शिक्षा का भविष्य बुद्धिमान, समावेशी और छात्र-केंद्रित है।" उन्होंने बताया कि AI हमें ऐसी कक्षाएं बनाने में मदद करेगा जो सीखने की कमियों की शुरुआती पहचान करें और हर बच्चे को तेजी से बदलती दुनिया में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास और कौशल प्रदान करें।

AI से कैसे बदलेगी स्कूल प्रणाली?

इस योजना के तहत स्कूल शिक्षा के कई पहलुओं में AI का इस्तेमाल किया जाएगा। छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने और उन्हें ट्रैक करने के लिए एक AI-आधारित प्रणाली लागू होगी। इससे अधिकारियों को छात्रों की भागीदारी पर नज़र रखने और पढ़ाई से दूर हो रहे बच्चों के शुरुआती संकेतों को पहचानने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य केवल स्कूलों में नई तकनीक लाना नहीं, बल्कि शिक्षकों और छात्रों को बेहतर साधनों से लैस करना भी है।

शिक्षकों के लिए भी सहायक होगा AI

राज्य सरकार शिक्षकों की सहायता के लिए भी AI-आधारित टूल्स का उपयोग करेगी। ये उपकरण शिक्षकों को पाठ योजना (लेसन प्लानिंग) तैयार करने और कक्षा में पढ़ाने के तरीकों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता करेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये कदम शिक्षकों को बेहतर उपकरण उपलब्ध कराएंगे ताकि वे छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें।

पढ़ाई और मूल्यांकन का नया तरीका

इस रोडमैप में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए 'AI आधारित रीडिंग फ्लुएंसी आकलन प्रणाली' का उपयोग किया जाएगा, जो छात्रों के पढ़ने की क्षमता का मूल्यांकन करेगी और बताएगी कि उन्हें कहाँ अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है। इसके अलावा, समय-समय पर छात्रों के शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए AI चैटबॉट का भी इस्तेमाल करने की योजना है, जिससे आकलन की एक नई तकनीक-आधारित व्यवस्था तैयार होगी।

इनपुट: IANS

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