गुरूवार, 3 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भाजपा का पंजाब और झारखंड सरकार पर बड़ा हमला, 'लूट के रैकेट' और परीक्षा घोटाले का लगाया आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब और झारखंड की राज्य सरकारों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी…

भाजपा का पंजाब और झारखंड सरकार पर बड़ा हमला, 'लूट के रैकेट' और परीक्षा घोटाले का लगाया आरोप
(फोटो: IANS)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब और झारखंड की राज्य सरकारों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर 'लूट का रैकेट' चलाने का आरोप लगाया, जबकि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर परीक्षा आयोजित करने में धांधली का दावा किया।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदीप भंडारी ने एक ऑडियो का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर बिचौलियों के माध्यम से बलात्कार के वैध मामलों को 5 करोड़ रुपये लेकर खत्म करने का आरोप है। भंडारी ने कहा, "यह वीडियो प्रथम दृष्टया इशारा कर रहा है कि सीएम एक केस को खत्म कर रहे हैं।"

पंजाब सरकार पर 'सिंडिकेट' का आरोप

प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब में एक संगठित 'सिंडिकेट' काम कर रहा है। उन्होंने एक कथित ऑडियो का जिक्र करते हुए कहा, "इसमें पैसे को कई लोगों में बांटने की बात कही जा रही है, इसलिए यह एक सिंडिकेट है।" भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, उस ऑडियो में एक आरोपी केस खत्म करने की बात करता है और बिचौलिया कहता है कि "सीएम के साथ सब कुछ डिस्कस हो चुका है और वह पीछे नहीं हट सकते, क्योंकि रकम को कई लोगों में बांटना है।"

इन आरोपों के आधार पर भंडारी ने तीन सवाल उठाए: "क्या सीएम और उनकी पत्नी रेप केसों को खत्म करने के लिए पैसे लेकर सिंडिकेट चला रहे हैं? क्या सीएम का दफ्तर भ्रष्टाचार का सिंडिकेट बन गया है? क्या यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है?" उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी इस मामले पर जवाब मांगा।

झारखंड परीक्षा विवाद और छात्रों का भविष्य

प्रदीप भंडारी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया और हेमंत सोरेन सरकार के साथ-साथ राहुल गांधी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी 'टीडीपीएल' को दी थी, जिसने अभी तक टेंडर भी जारी नहीं किया था।

उन्होंने आगे दावा किया कि टीडीपीएल ने यह काम एक तीसरी 'बेनामी' कंपनी 'पीकर टेक्नोलॉजी' को दे दिया, जिसका कोई लिखित समझौता नहीं है और सारा लेन-देन नकद में हुआ। भंडारी ने कहा, "सीआईडी के सामने पीकर टेक्नोलॉजी के निदेशक ने कबूल किया है कि हमें जो टेंडर दिया गया था, उसकी कोई कॉपी नहीं है और पूरा ट्रांजैक्शन कैश में हुआ।" उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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