उत्तर कोरिया ने दागी हाइपरसोनिक मिसाइल, किम जोंग ने कहा- दुश्मन को हमारी ताकत का एहसास कराते रहेंगे
उत्तर कोरिया ने एक और मध्यम दूरी की रणनीतिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने इस लॉन्च का निरीक्षण अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-ए के साथ किया। समाचार एजेंसी IANS…
उत्तर कोरिया ने एक और मध्यम दूरी की रणनीतिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने इस लॉन्च का निरीक्षण अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-ए के साथ किया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, किम ने इस मौके पर देश के हमलावर हथियारों की मारक क्षमता को लगातार बढ़ाने पर जोर दिया।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी (KCNA) ने रविवार को बताया कि यह मिसाइल लॉन्च अभ्यास शनिवार तड़के पूर्वी सागर की ओर किया गया। यह 'हाइपरसोनिक रणनीतिक हथियार प्रणाली' को संचालित करने वाली मिसाइल यूनिट्स के प्रशिक्षण का हिस्सा था। KCNA के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में दागी गई इस मिसाइल ने लगभग 1,000 किलोमीटर दूर स्थित अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
जवाबी हमले की तैयारी और क्षमता का प्रदर्शन
इस परीक्षण के बाद किम जोंग-उन ने कहा कि सेना के जवाबी हमला करने वाले साधनों को हर समय तैयार रखना और उनकी क्षमता का प्रदर्शन करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "हमें लगातार और जिम्मेदारी के साथ कोशिश करते रहना चाहिए, ताकि दुश्मन बार-बार हमारे रणनीतिक हमलावर हथियारों की भरोसेमंद क्षमता और उनकी मारक ताकत को समझ सके।" किम के अनुसार, इस तरह के परीक्षण देश की परमाणु युद्ध रोकने की क्षमता को तेजी से विकसित करने का एक हिस्सा हैं।
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों का अनुमान
इस लॉन्च की पुष्टि दक्षिण कोरिया की सेना ने भी की है। उसने बताया कि शनिवार तड़के उत्तर कोरिया के वोनसान इलाके से एक बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने का पता चला, जिसने 700 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी तय की। इस बीच, किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने दावा किया कि दक्षिण कोरिया और जापान अपनी ट्रैकिंग सीमाओं के कारण मिसाइल के रास्ते का पता लगाने में विफल रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने संभवतः 'हवासोंग-16 ना' हाइपरसोनिक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ते हुए अपना रास्ता बदलने में सक्षम बताई जाती है। यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट को लेकर दोनों कोरियाई देशों में तनाव बढ़ा हुआ है। दक्षिण कोरिया ने उस विस्फोट के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि प्योंगयांग ने इन आरोपों से इनकार किया है।
इनपुट: IANS



