मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सोरेन सरकार पर बढ़ा सियासी दबाव, जांच की मांग तेज

झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद राज्य की हेमंत सोरेन सरकार चौतरफा राजनीतिक दबाव में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत कई दलों के नेताओं ने सरकार के…

झारखंड: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सोरेन सरकार पर बढ़ा सियासी दबाव, जांच की मांग तेज
(फोटो: IANS)

झारखंड में छात्रों के विधानसभा घेराव मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद राज्य की हेमंत सोरेन सरकार चौतरफा राजनीतिक दबाव में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत कई दलों के नेताओं ने सरकार के रवैये की आलोचना की है, वहीं कुछ ने मामले की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने छात्रों से बातचीत के बजाय बल प्रयोग करने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

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बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अगर सरकार ने कोई गलती या हेराफेरी नहीं की है, तो उसे जांच से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच न कराने से लोगों के मन में संदेह पैदा होता है।

विपक्ष पर 'दोहरे मानदंड' का आरोप

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मुद्दे पर विपक्ष के रवैये को 'डबल स्टैंडर्ड' करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब छात्र अपनी आवाज उठाते हैं तो कुछ लोग उनकी मांगों को सुनते हैं, लेकिन झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर उनका रवैया अलग है। नकवी ने याद दिलाया कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी गड़बड़ी को दूर करना केंद्र और राज्य, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

लखनऊ में भाजपा नेता नीरज सिंह ने भी झारखंड सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया और कंटीले तार लगाए गए, जिससे कई छात्र घायल हो गए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाया कि वे प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में तो गए, लेकिन झारखंड के छात्रों की पीड़ा सुनने नहीं पहुंचे।

संवाद से समाधान की सलाह

इस पूरे मामले पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने कहा कि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत से निकाला जाना चाहिए, क्योंकि आंसू गैस और लाठीचार्ज किसी समस्या का स्थायी हल नहीं हो सकते। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों से बात कर उनकी समस्याओं का हल खोजने की सलाह दी।

वहीं, विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के उपाध्यक्ष गुरुनाधम ने कहा कि पार्टी की छात्रों को लेकर कोई 'लुका-छिपी' वाली नीति नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने झारखंड सरकार से अनुरोध किया है कि वह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करे।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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