झारखंड के लाखों ग्रामीण घरों को मिलेगी हाई-स्पीड इंटरनेट की सौगात, सरकार ने समझौते पर किए हस्ताक्षर
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार के भारतनेट प्रोग्राम के तहत अब राज्य के लगभग 4.39 लाख ग्रामीण घरों तक हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट…
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार के भारतनेट प्रोग्राम के तहत अब राज्य के लगभग 4.39 लाख ग्रामीण घरों तक हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना को लागू करने के लिए गुरुवार को केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस पहल का उद्देश्य गांवों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, ताकि जरूरी ऑनलाइन सेवाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।
इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) ने एक प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन एंड सपोर्ट एग्रीमेंट साइन किया है। यह परियोजना केंद्र के एमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसे अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना का दायरा और क्रियान्वयन
इस योजना के तहत झारखंड के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-ग्राम पंचायत वाले गांवों में ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों के नेटवर्क को उन्नत किया जाएगा और 8 नई ग्राम पंचायतों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। मांग के आधार पर गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। इसके अलावा, नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मौजूदा ढांचे को अपग्रेड करने के साथ-साथ नए फाइबर नेटवर्क भी बिछाए जाएंगे।
परियोजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य में एक स्टेट नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर (SNOC) भी स्थापित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में बीएसएनएल (BSNL) द्वारा जेडीआईसीएल को परियोजना प्रबंधन में सहायता दी जाएगी।
ग्रामीण जीवन पर पड़ेगा क्या असर?
सरकार का मानना है कि बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। अभी तक कमजोर इंटरनेट के कारण लोगों को छोटे-छोटे ऑनलाइन कामों के लिए भी प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता था। अब ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। छात्र और युवा ऑनलाइन कक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास के लिए डिजिटल सामग्री का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही, दूरदराज के इलाकों में ऑनलाइन डॉक्टरी सलाह जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा।
इनपुट: IANS



