गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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JPSC परीक्षा विवाद: CID की छापेमारी के कुछ ही घंटे बाद अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली का मामला गहरा गया है। मंगलवार को हुई एक बड़ी कार्रवाई में, राज्य की सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने…

JPSC परीक्षा विवाद: CID की छापेमारी के कुछ ही घंटे बाद अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा
(फोटो: IANS)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली का मामला गहरा गया है। मंगलवार को हुई एक बड़ी कार्रवाई में, राज्य की सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय पर छापा मारा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटनाक्रम के कुछ ही घंटों बाद आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पूरे मामले ने एक नया प्रशासनिक और राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

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एल. खियांग्ते, जो झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं, को सेवानिवृत्ति के बाद 27 फरवरी को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2025 तक था। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों पर सरकार या आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

छापेमारी और जांच का दायरा

मंगलवार शाम को जांच टीम ने जेपीएससी कार्यालय पहुंचकर कई घंटों तक छानबीन की। इस दौरान कंप्यूटर रिकॉर्ड, ओएमआर शीट से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाला गया। साथ ही, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर पर भी छापा मारा गया। एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया गया है और वहां से हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व डायरी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एजेंसी से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा, जेपीएससी की सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि हिरासत में लिए गए लोगों से किन बिंदुओं पर सवाल किए जा रहे हैं।

परीक्षार्थियों के आरोप और राजनीतिक दबाव

यह पूरा विवाद 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुआ था। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगा रहे हैं। छात्र संगठन इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ-साथ सभी उम्मीदवारों की ओएमआर शीट और कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार और आयोग को घेरा है। सीआईडी का कहना है कि जब्त किए गए सबूतों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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