झारखंड की नई औद्योगिक और टेक्सटाइल नीतियां: दिल्ली में उद्योग जगत से सुझाव लेंगे हेमंत सोरेन
झारखंड में निवेश का माहौल बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार अपनी दो प्रमुख नीतियों को अंतिम रूप देने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य की प्रस्तावित 'औद्योगिक और न
झारखंड में निवेश का माहौल बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार अपनी दो प्रमुख नीतियों को अंतिम रूप देने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य की प्रस्तावित 'औद्योगिक और निवेश प्रोत्साहन नीति-2026' और 'टेक्सटाइल, अपैरल एंड फुटवियर नीति-2026' पर विचार-विमर्श के लिए 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में होने वाले इस दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' का उद्देश्य उद्योग जगत के विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति निर्माताओं से सुझाव लेकर इन नीतियों को और प्रभावी बनाना है। यह आयोजन दिल्ली के ताज पैलेस होटल में होगा। सम्मेलन में राज्य की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा की जाएगी।
नीतियों का लक्ष्य और प्रावधान
सरकार की प्रस्तावित औद्योगिक नीति का लक्ष्य झारखंड में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना और लगभग 25 हजार प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है। इस नीति के मसौदे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), तकनीकी संस्थानों, निजी विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। इसके अलावा, पूंजीगत सब्सिडी, पिछड़े जिलों में निवेश को बढ़ावा देना और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने जैसे प्रावधान भी हैं।
वहीं, टेक्सटाइल नीति के जरिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लाने और 20 हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत पूंजीगत निवेश पर सब्सिडी, कर में छूट और स्थानीय युवाओं व महिलाओं को रोजगार देने के लिए वेतन सहायता जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। साथ ही, 'प्लग एंड प्ले' टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की भी योजना है।
सम्मेलन की रूपरेखा
कार्यक्रम के पहले दिन, यानी 8 जुलाई को, प्रस्तावित नीतियों के ड्राफ्ट पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें उद्योग, टेक्सटाइल, पर्यटन, एआई और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा होगी। दूसरे दिन, 9 जुलाई को, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेषज्ञों से मिले सुझावों की समीक्षा करेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़े डिजिटल सुधारों पर भी बात होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस परामर्श से मिले सुझावों के आधार पर नीतियों को अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा।
इनपुट: IANS



