हरियाणा: ईंट-भट्टों में बंधुआ मजदूरी के 86 मामलों पर NHRC करेगा वर्चुअल सुनवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) हरियाणा के ईंट-भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े 86 मामलों पर एक अहम ऑनलाइन सुनवाई करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वर्चुअल सुनवाई 9 जु
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) हरियाणा के ईंट-भट्टों में कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े 86 मामलों पर एक अहम ऑनलाइन सुनवाई करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वर्चुअल सुनवाई 9 जुलाई 2026 को होगी और इसकी अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन करेंगे।
इस सुनवाई के लिए आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, श्रम आयुक्त और संबंधित सभी जिलाधिकारियों (DM) को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से उम्मीद की गई है कि वे अब तक की गई कार्रवाई पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे।
सुनवाई के मुख्य बिंदु
इस ऑनलाइन बैठक के दौरान, आयोग कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करेगा। इसमें बंधुआ मजदूरों की पहचान, उनकी मुक्ति और केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर उनके पंजीकरण की स्थिति शामिल है। साथ ही, NHRC द्वारा जिलाधिकारियों को भेजी गई शिकायतों पर की गई कार्रवाई का भी आकलन किया जाएगा।
इसके अलावा, आयोग यह भी देखेगा कि बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 और सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंधुआ मुक्ति मोर्चा तथा एशियाड मजदूर मामलों में दिए गए निर्देशों का कितना पालन हो रहा है।
पुनर्वास और रोकथाम के उपाय
सुनवाई के एजेंडे में मुक्त कराए गए मजदूरों के पुनर्वास पैकेजों की समीक्षा भी शामिल है। इसमें आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और वैकल्पिक रोजगार के अवसरों की जानकारी पर चर्चा होगी। इस बात पर भी गौर किया जाएगा कि मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर उनका पंजीकरण कितना आगे बढ़ा है।
आयोग संबंधित जिलों में ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए उठाए गए कदमों का भी जायजा लेगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई 1997 को इस कानून और अपने आदेशों के अनुपालन की निगरानी की जिम्मेदारी NHRC को सौंपी थी। यह सुनवाई बंधुआ मजदूरी को खत्म करने की दिशा में आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इनपुट: IANS



