दिल्ली दंगा: इंटेलिजेंस ब्यूरो अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड में फैसले का इंतजार बढ़ा, नई तारीख तय
दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में फैसले का इंतजार और बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बुधवार को
दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में फैसले का इंतजार और बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला टाल दिया और अब इस मामले में 13 जुलाई को निर्णय सुनाया जाएगा। यह दूसरी बार है जब अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ाई है; पहले 11 जून की तारीख तय थी, जिसे बाद में बदलकर 7 जुलाई किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है। 26 फरवरी 2020 को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। अंकित के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। शिकायत के मुताबिक, अंकित 25 फरवरी को घर का सामान लेने के लिए बाहर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ताहिर हुसैन और अन्य आरोपी उस हिंसक भीड़ का हिस्सा थे, जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
आरोप और कानूनी प्रक्रिया
इस मामले की जांच के बाद मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित सभी 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इन पर दंगा, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना, विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। ताहिर हुसैन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कुछ अतिरिक्त धाराओं के तहत भी आरोप हैं।
सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की थी कि हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए उकसाया था। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
इनपुट: IANS



