झारखंड: पुलिस स्टेशन में महिला से बलात्कार के आरोप पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने सरकार को घेरा
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक महिला द्वारा पुलिस स्टेशन के अंदर ही बलात्कार का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर…
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक महिला द्वारा पुलिस स्टेशन के अंदर ही बलात्कार का आरोप लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना गम्हरिया थाना परिसर में हुई, जहां एक महिला पारिवारिक विवाद की शिकायत लेकर मदद के लिए पहुंची थी।
घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है और थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, दुग्धा गांव की रहने वाली पीड़िता गुरुवार देर रात अपने पति द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराने थाने आई थी। पुलिसकर्मियों ने रात अधिक होने का हवाला देते हुए उसे वहीं रुकने की सलाह दी। आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात वायरलेस ऑपरेटर और सिपाही नीरज लकड़ा ने महिला के साथ दुष्कर्म किया।
विपक्ष का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक और चिंताजनक' बताया है। उन्होंने सवाल उठाया, "जब सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले संस्थानों में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो वे न्याय और सुरक्षा की उम्मीद किससे करेंगी?" मरांडी ने हाल ही में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में एक महिला कैदी के यौन शोषण और गर्भवती होने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने राज्य की महिला डीजीपी तदाशा मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भी ऐसी घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने इसे 'जंगल राज' का उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा, "थाना प्रभारी सहित कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। ऐसे पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए और वरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।" सोरेन ने इस बात पर जोर दिया कि एक फरियादी महिला अगर थाने में ही सुरक्षित नहीं है, तो वह न्याय के लिए कहां जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व सरायकेला के एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके अलावा, गम्हरिया के थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए घटनास्थल वाले कमरे को भी सील कर दिया गया है।
इनपुट: IANS



