नवंबर की शुरुआत महंगाई के साथ: कमर्शियल LPG सिलेंडर और विमान ईंधन के दाम फिर बढ़े
नवंबर महीने की पहली तारीख को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल इस्तेमाल वाले LPG सिलेंडर और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, आम लोगों के…
नवंबर महीने की पहली तारीख को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल इस्तेमाल वाले LPG सिलेंडर और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2,810 रुपये से बढ़कर 2,820 रुपये हो गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं दाम
कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ महीनों से जारी एक ट्रेंड का हिस्सा है। इससे पहले 1 अक्टूबर को भी कमर्शियल सिलेंडर 62.50 रुपये महंगा हुआ था, जबकि सितंबर में इसमें 9.50 रुपये की वृद्धि की गई थी। हालांकि, जुलाई और अगस्त में कीमतों में क्रमशः 183.50 रुपये और 192 रुपये की बड़ी कटौती भी हुई थी। गौरतलब है कि फरवरी से जून के बीच इसकी कीमतों में कुल 1,373 रुपये की भारी बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे यह 1,740.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
घरेलू सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल स्थिर
इस बढ़ोतरी के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर रखी गई है। इसी तरह, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी मई के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है। संशोधित दरों के अनुसार, 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के नए कनेक्शन की कीमत अब 1,903 रुपये और इसके रिफिल की कीमत 782 रुपये होगी।
हवाई सफर हो सकता है महंगा
कमर्शियल गैस के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन के दाम भी बढ़ाए गए हैं, जो हवाई यात्रा की लागत को प्रभावित कर सकता है। 1 नवंबर से ATF की कीमत 1.37 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह लगातार चौथा महीना है जब ATF महंगा हुआ है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन की मजबूत कीमतों के कारण यह वृद्धि हुई है। चूंकि एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत में ATF की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी लागत पर पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



