रविवार, 1 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु में शहरी ढांचे का कायाकल्प: 1.5 लाख करोड़ की योजना को हरी झंडी, सड़क और सीवेज पर खास ध्यान

तमिलनाडु में शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी मिल गई है। राज्य सरकार ने लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली पांच-वर्षीय शहरी विकास योजना को लागू करने का आदेश…

तमिलनाडु में शहरी ढांचे का कायाकल्प: 1.5 लाख करोड़ की योजना को हरी झंडी, सड़क और सीवेज पर खास ध्यान
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी मिल गई है। राज्य सरकार ने लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली पांच-वर्षीय शहरी विकास योजना को लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी स्थानीय निकायों में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

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इस योजना को बजट में 'प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी विकास योजना' के नाम से घोषित किया गया था। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं के सुधार, पर्यावरण की बहाली, सार्वजनिक स्वास्थ्य और निगरानी को एक ही ढांचे के अंतर्गत लाया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी तमिलनाडु शहरी वित्त और बुनियादी ढांचा विकास निगम (TUFIDCO) को सौंपी गई है।

किन क्षेत्रों पर कितना खर्च होगा?

इस विशाल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा, जिसके लिए 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके बाद सीवेज के बुनियादी ढांचे के लिए 50,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पेयजल परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान देते हुए 30,350 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। अन्य प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:

  • ठोस कचरा प्रबंधन: 3,000 करोड़ रुपये
  • जलाशयों का जीर्णोद्धार: 2,000 करोड़ रुपये
  • सामाजिक बुनियादी ढांचा: 2,000 करोड़ रुपये
  • हरित क्षेत्र का विकास: 1,500 करोड़ रुपये
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल: 1,500 करोड़ रुपये

पेयजल, सीवरेज और पर्यावरण पर जोर

योजना का एक प्रमुख लक्ष्य हर घर तक पानी का कनेक्शन पहुंचाना है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्रों में 24 घंटे और नगर पालिकाओं में तीन घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की परिकल्पना की गई है। साथ ही, भूमिगत सीवरेज नेटवर्क का पूरा कवरेज भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, जिसमें पांच करोड़ पौधे लगाना और अड्यार तथा कूवम नदियों सहित अन्य जलाशयों को पुनर्जीवित करना शामिल है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और पशु नसबंदी केंद्र स्थापित करने जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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